जहांगीराबाद क्षेत्र में और एक कमरे से लूट की योजना बनाने की आवाज आ रही थी। जब पुलिस ने घेराबंदी की तो आरोपी के साथी मौके से भागने में सफल रहे, जबकि एक आरोपी को पुलिस ने अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पूछताछ के दौरान अपना नाम नरेंद्र निवासी गांव शेखपुर रौरा थाना जहांगीराबाद बताया।
पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया था। बाद में वह जमानत पर बाहर आया था, लेकिन वर्ष 2008 में उसे फिर से जेल भेज दिया गया था। जिसके बाद से वह लगातार जेल में बंद है। मामले की सुनवाई को पूरा करने में अपर सत्र न्यायाधीश हेमंत कुमार की कोर्ट को 31 साल का समय लग गया। अब जब मामले में कोर्ट का फैसला आया, तो दोषी नरेंद्र जेल में 14 साल बिता चुका था, लेकिन कोर्ट ने उसे केवल सात साल की ही सजा सुनाई है।