बुलंदशहर। ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद बृहस्पतिवार सभी परिषदीय स्कूल बच्चों की चहलकदमी से गुलजार हो गए। स्कूलों में बच्चों का स्वागत चंदन टीका लगाकर किया गया। पहले दिन करीब 30 फीसदी ही बच्चे स्कूल पहुंचे। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में भी कक्षाओं का संचालन शुरू हो गया।
बृहस्पतिवार से फिर स्कूल खोलने के लिए बीएसए ने स्कूलों को पत्र जारी कर दिया था। सुबह आठ बजे से पहले ही शिक्षक पहुंच गए। शिक्षकों के काफी प्रयास के बाद भी पहले दिन करीब 30 फीसदी बच्चे ही स्कूल पहुंचे। कई स्कूल तो ऐसे रहे, जिनमें बच्चों की उपस्थिति 10 से भी कम रही। शिक्षकों का कहना है कि दो-चार दिन में बच्चों की उपस्थित शत प्रतिशत हो जाएगी।
सलेमपुर क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय चित्सौन में पहुंचे बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। प्रधानाध्यापक वेदप्रकाश गौतम ने बताया कि पहले दिन बच्चों की उपस्थिति कम रही। अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों की उपस्थिति शत प्रतिशत करने का प्रयास जारी है। खुर्जा के प्राथमिक विद्यालय नंबर 1 में पंजीकृत 110 के सापेक्ष 50 बच्चे ही पहुंचे। प्राथमिक विद्यालय नंबर 11 में 68 बच्चों के सापेक्ष पांच बच्चे आए।
सिकंदराबाद क्षेत्र के सिकंदराबाद संविलियन विद्यालय जौखाबाद, नगर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय साठा, उच्च प्राथमिक विद्यालय नारिसपुर भैंसरोली, प्राथमिक विद्यालय कैलावन और प्राथमिक विद्यालय औरंगाबाद समेत अनेक विद्यालय ऐसे रहे, जहां पर बच्चों की संख्या 30 फीसदी के आसपास रही। तमाम स्कूल ऐसे भी रहे जहां पर बच्चों की उपस्थिति अच्छी रही।
शिक्षक डॉ. मनमोहन रोहिला ने बताया कि शुरुआत के दिनों में हर बार बच्चे कम पहुंचते हैं। शिक्षकों के संपर्क के बाद अभिभावक बच्चों को भेजते हैं। अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को स्कूल भेजने की बात कहीं जा रही है। बच्चों को स्कूल लाने के लिए उनके घर भी जाकर अभिभावकों से संपर्क किया जा रहा है।
बेसिक शिक्षा विभाग के 1862 स्कूलों में लगभग दो लाख के आसपास विद्यार्थियों का पंजीकरण है। वर्तमान शैक्षिक सत्र एक अप्रैल 2026 से प्रारंभ हुआ लेकिन तपिश के कारण ग्रीष्मकालीन अवकाश 20 मई से घोषित कर दिया गया। 16 जून से स्कूल खोले जाने के आदेश दिए गए थे। तब एक दिन स्कूल खुले और फिर गर्मी को देखते हुए 24 जून तक अवकाश घोषित कर दिया गया था।
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कोट
पहले दिन बच्चों की उपस्थिति कम रही। सभी संबंधित अधिकारियों व शिक्षकों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वह स्कूल में बच्चों की उपस्थिति शत प्रतिशत करें, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। साथ ही यह भी निर्देश जारी किए गए हैं कि स्कूल चलो अभियान के तहत स्कूल न आने वाले बच्चों का नामांकन करें। - वीरेंद्र कुमार सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी।