कसेरकलां : 30 हजार की आबादी में 430 ने ही लगवाई वैक्सीन
डिबाई। गांवों में टीकाकरण की धीमी रफ्तार को बढ़ाने में जिला प्रशासन अभी भी सफल नहीं हो पा रहा है। जिले के सबसे बड़ी ग्राम पंचायतों में से एक कसेरकलां में 30 हजार की आबादी पर मात्र 430 लोगों को ही कोविड से बचाव के लिए वैक्सीन लगाई जा सकी है। स्थिति यह है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम शिविर तो लगाती है, लेकिन लोगों के बीच फैली भ्रांतियों को दूर करने में स्वास्थ्य विभाग के साथ जनप्रतिनिधि भी पूरी तरह से फेल हो रहे हैं। ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले तीन गांवों में वैक्सीनेशन के हालात अच्छे नहीं है। सीएचसी प्रभारी डा. दीपक के मुताबिक ग्रामीणों को समझाने का प्रयास भी किया जा रहा है, धर्मगुरुओं की मदद भी ली जा रही है, लेकिन लोग हैं कि वैक्सीन लगवाने के लिए आगे ही नहीं आ रहे हैं। अभी तक कसेरकलां में 220, कादरी बाग में 90 और पलां में 120 लोगों को कोविड से बचाव के लिए वैक्सीन लगाई जा चुकी है।
बोले लोग
लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। शुगर व ब्लड प्रेशर की बीमारी के चलते अभी खुद वैक्सीन नहीं लगवाई है। जबकि पति भी कोविड से बचाव के लिए टीका लगवा चुके हैं। सभी धर्मगुरुओं की मदद लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। - माया देवी, ग्राम प्रधान, कसेर कलां
युवाओं को अधिक से अधिक वैक्सीन लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। समय के अभाव के चलते वैक्सीन नहीं लगवाई जा सकी है। जल्द ही खुद भी वैक्सीन लगवाऊंगा और लोगों को भी जागरूक करते हुए वैक्सीन लगवाने का प्रयास करूंगा। - सैफ अहमद
वैक्सीन लगवाने के लिए रजिस्ट्रेशन किया हुआ है। शनिवार को वैक्सीन लगाने के लिए शेड्यूल मिला है। देश में बनी वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। अन्य लोगों से भी अपील है कि वैक्सीन अवश्य लगवाएं, ताकि महामारी से सुरक्षित रह सकें। - निशांत वार्ष्णेय
70 वर्ष से अधिक उम्र होने के बाद भी मैने खुद शुक्रवार को वैक्सीन लगवाई है। इससे कोई परेशानी नहीं होती है। अधिक से अधिक लोगों को खुद के साथ अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए वैक्सीन लगवानी चाहिए। - मुस्ताक अहमद