घर-घर में हैं बीमार, बढ़ रहा संक्रमण
बुलंदशहर। कोरोना संक्रमण के बीच गांव में कोई ऐसा घर होगा, जिसमें कोई बीमार न हो। किसी को बुखार है तो किसी को खांसी और जुकाम की शिकायत है। अमर उजाला ने शनिवार खानपुर क्षेत्र के तीन गांव परतापुर, खिदरपुर और ईशनपुर के प्रधानों व ग्रामीणों से उनके गांव में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए किए जा रहे इंतजाम को लेकर बातचीत की। प्रधानों का कहना है कि अभी कमान नहीं मिली है और विभाग की ओर से सैनिटाइजर और सफाई का काम कराया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर ग्रामीणों का कहना है कि जांच और सैनिटाइजर के साथ गांव में सफाई अभियान चलाकर ही इतिश्री की जा रही है। ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से बीमार लोगों को गांव में ही दवाई उपलब्ध करवाने की भी मांग उठाई है।
बोले लोग
गांव ईशनपुर
इस समय जिस तरह से कोरोना का खौफ चारों ओर है और लगातार मौत हो रही हैं। इस तरह का मंजर मैंने कभी नहीं देखा। गांव में जांच के साथ एक बार ही सैनिटाइजर और सफाई हुई है। यह कार्य लगातार जारी रहे तो संक्रमण से निजात पाई जा सकती है।
- नारायण सिंह, ग्रामीण ईशनपुर।
संक्रमण से बचाव के लिए लोगों को खुद जागरूक होना होगा। इससे बचने के लिए मास्क और समय-समय पर हाथ धोने चाहिए। इसके लिए मैं लगातार ग्रामीणों को जागरूक कर रहा हूं। जब तक हम खुद जागरूक नहीं होंगे, तब तक संक्रमण से निजात नहीं मिल सकती है। - नितिन कुमार, ग्रामीण ईशनपुर।
गांव को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए विभाग की ओर से ही सैनिटाइजर और सफाई करवाई जा रही है। साथ ही लोगों की जांच भी हो रही है। यदि इस समय गांव की कमान मिल जाती तो कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लगातार सैनिटाइजर और सफाई करवाई करवाई जाती। - नरेंद्र, ग्राम प्रधान ईशनपुर।
गांव खिदरपुर
गांव में नियमित सफाई और जांच न होने से संक्रमण में इजाफा हो रहा है। यदि लगातार गांव में सफाई अभियान चले और जांच होती रहे तो संक्रमण से काफी हद तक निजात पाई जा सकती है। इसके लिए ग्रामीणों को भी जागरूक होने की जरूरत है। - विनीत, ग्रामीण खिदरपुर।
गांव में कोरोना के कई मामले सामने आ चुके हैं। इसके चलते ग्रामीण भी जागरूक हैं और बचाव के तरीके भी अपना रहे हैं। संक्रमण के लक्षण होने पर दवा के लिए काफी दूर जाना पड़ता है। ऐसे मरीजों के लिए गांव में दवा उपलब्ध करवाई जाए।
शिवम शर्मा, ग्रामीण खिदरपुर।
इस समय कोई ऐसा घर होगा, जिसमें कोई बीमार न हो। स्थिति यह है कि परिवार का एक सदस्य ठीक होता है तो दूसरे को बुखार, खांसी और जुकाम हो जाता है। हालांकि गांव में जांच भी हुई, लेकिन उसके बाद किसी ने सुध नहीं ली है। कमान मिलने पर संक्रमण से गांव को मुक्ति दिलाई जाएगी।
- दिनेश शर्मा, ग्राम प्रधान खिदरपुर।
गांव परतापुर
गांव में बुखार, खांसी व जुकाम के मरीजों की कमी नहीं है। प्रशासन की ओर से सैनिटाइजर और सफाई के साथ जांच कराकर ही इतिश्री की जा रही है। गांव में मरीजों की लगातार जांच और दवा उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। - आनंद कुमार, ग्रामीण परतापुर।
कोरोना संक्रमण के लक्षण से सभी को जानकारी है और इससे बचाव के लिए उपाय किए जा रहे हैं। कुछ लोग इसे गंभीरता से भी नहीं ले रहे, लेकिन ऐसे लोगाें को बचाव के उपाय करने के लिए कहा जा रहा है।
- त्रिवेंद्र सिंह, ग्रामीण परतापुर।
गांव में सैनिटाइजर और सफाई का काम विभाग की ओर से करा दिया गया है। गांव मे विगत एक सप्ताह में चार मौत हो चुकी हैं। मेरी ओर से लगातार ग्रामीणों को संक्रमण से बचने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। यदि गांव की कमान मिल जाए तो लगातार ग्रामीणों की थर्मल स्क्रीनिंग करवाई जाएगी। - विक्रम सिंह, ग्राम प्रधान परतापुर।