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कहीं पसरा सन्नाटा तो कहीं पुलिस को फटकारनी पड़ीं लाठियां

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मामन चौकी रोड पर बाहर घूमते युवाओं को खदेड़ती पुलिस। - फोटो : BULANDSHAHR
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कहीं पसरा सन्नाटा तो कहीं पुलिस को फटकारनी पड़ीं लाठियां
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बुलंदशहर/सिकंदराबाद/खुर्जा। कोरोना कर्फ्यू के दौरान कहीं लोग इसका पालन करते नजर आए जो कहीं पर पुलिस को लाठियां फटकार कर लोेगों को उनके घरों में भेजना पड़ा। हालांकि, ज्यादातर स्थानों पर लोग जागरूक नजर आए और कर्फ्यू का पालन किया। वहं, सुबह के समय कुछ स्थानों पर लोग बाइक और गाड़ियों से लोग आ जा रहे थे। पुलिस की चेकिंग के दौरान पता चला कि यह लोग आवश्यक सेवाओं से जुड़े हुए लोग हैं, जिनका कार्ड आदि देखने के बाद पुलिस ने जाने दिया।
सुबह 11 बजे, लल्ला बाबू चौराहा
शहर के लल्ला बाबू चौराहा पर पूरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा। इस दौरान इन चौराहे से इक्का-दुक्का व्यक्ति ही मौके से गुजर रहा था। चौराहे पर तैनात पुलिस लोगों से पूछताछ करने के बाद ही इन्हें जाने दे रहे थे। जिन लोगों ने घरों से बाहर निकलने के पर्याप्त सबूत नहीं दिए, उनके खिलाफ जुर्माना लगाने की भी कार्रवाई की गई।
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कोरोना कर्फ्यूू के दौरान सुबह के समय दूध और सब्जी खरीदने के लिए बाहर तो आए, लेकिन इसके बाद घरों में कैद हो गए। महामारी को हराने के लिए कर्फ्यूू के दौरान पूरी जागरुकता दिखाने की आवश्यकता है। - नीटू चौधरी, निवासी नहर कालोनी
संक्रमण फैलने के कारण लोग काफी डरे हुए हैं। अभी जागरुकता की और जरूरत है, ताकि सोशल डिस्टेंसिंग औऱ मास्क लगाने समेत महामारी की अन्य गाइडलाइन का पालन सख्ती से कर सकें। गाइडलाइन पालन के बाद ही हम महामारी पर अंकुश लगा सकते हैं। - रेनू, निवासी नहर कालोनी
सुबह 10.15 बजे, मामन चौकी रोड
मामन चौकी रोड पर सुबह के समय काफी संख्या में लोग घूमते नजर आए। इस दौरान मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को लाठियां फटकार कर उन्हेें घरों में भेजा। इस दौरान पुलिस की गाड़ी ने वहां पर मुनादी कर लोगों को घरों में रह कर कोरोना कर्फ्यू के पालन करने की अपील की। पुलिस के आने के बाद ही माहल्ले में सन्नाटा हो गया।
कोरोना कर्फ्यू के दौरान बाजार पूरी तरह से बंद रहे। लोगों को भी गाइडलाइन का पालन करना चाहिए। स्थिति काफी गंभीर हो रही है, यदि अभी भी नहीं संभले तो भविष्य और भी खतरनाक होगा। - शमशाद अली
कर्फ्यू के दौरान व्यापारियों ने भी दुकानें बंद कर पूरा समर्थन किया। बाजारों में खरीदारी करने के दौरान भी व्यापारियों और लोगों को जागरुक रहने की जरूरत है। यदि आवश्यक है तो ही घरों से बाहर निकलें। - बलदेव सिंह
सुबह 10.45 बजे मोहल्ला राधा नगर
नगर के मोहल्ला राधा नगर में सुबह करीब पौने 11 बजे कुछ किराना की दुकानें खुली हुई थीं। दुकान पर लोगों की भी भीड़ एकत्रित थी। लोग सामान लेने के लिए जल्दबाजी कर रहे थे। जबकि दुकानदार भी चोरी छिपे आधा शटर खोलकर सामान की बिक्री कर रहा था। जैसे ही पुलिस का सायरन बजा लोग बाग भागकर घरों में दुबक गए।
कोरोना को रोकने के लिए सख्ती की जानी जरूरी है। हालांकि सख्ती के कारण किसी जरूरतमंद को परेशानी न हो इसके लिए भी व्यवस्था की जानी चाहिए। पुलिस की सख्ती रहेगी तो महामारी से निजात मिल सकेगी। - विजय कुमार प्रजापति
आवश्यक वस्तुओं जैसे दूध और सब्जी की दुकानें ही कर्फ्यू के दौरान खोली गई। जागरुकता से ही महामारी को जल्द से जल्द खत्म किया जा सकता है। इस तरह के कर्फ्यू लगाकर कोरोना की चेन को तोड़ना होगा। - उमेश कुमार
शाम 5.00 बजे, मोहल्ला खत्रीवाड़ा सिकंदराबाद
सिकंदराबाद क्षेत्र के मोहल्ला खत्रीवाड़ा में शाम के समय इक्का दुक्का लोग घूमते नजर आए। गली मोहल्लों में दुकानें भी बंद नजर आई। इक्का,दुक्का मेडिकल स्टोर को छोड़कर अन्य जरूरी सामान की दुकानें भी कर्फ्यू के दौरान बंद रही। कर्फ्यू के दौरान लोगों ने गलियों में एक साथ बैठक गप्पे मारने और इधर-उधर घूमने के बजाय घर पर ही रहकर समय व्यतीत किया।
हमें अपने स्वास्थ्य के अलावा परिवार व लोगों के स्वास्थ्य के प्रति गंभीर रहना होगा। कोरोना की चेन को तोड़ने के लिए सरकार द्वारा जारी की गई गाइड लाइन का सभी को पालन करना होगा। इस महामारी से हम सभी को एक साथ मिलकर लड़ाई लड़नी होगी। - अजय जैन
कोरोना संक्रमण को चेन को तोड़ने के लिए कर्फ्यू आवश्यक है। संक्रमण को रोकने के लिए वह सरकार द्वारा जारी की गई गाइड लाइन का समर्थन करते है। क्योंकि यदि जीवन है तो सब कुछ है। जीवन ही नहीं तो कुछ भी नहीं। - लोकेश कौशल
दोपहर 1.00 बजे, बिंदा वाला चौक
बिंदा वाला चौक पर सभी दुकानें बंद मिली। घरों से बाहर भी कोई नहीं दिखाई दिया। जबकि अन्य दिनों में यहां इतनी भीड़ रहती है कि हमेशा जाम जैसी स्थिति बनी रहती है। मोहल्ला तरीनान में पहुंचे दो वहां मामूली चहल-पहल दिखाई दी। दरअसल वहां फलों की ठेलियों पर कुछ लोग रमजान के चलते खरीददारी करते नजर आए। शहर में विभिन्न स्थानों पर कोरोना कर्फ्यू का पालन कराने के लिए पुलिस टीम गश्त कर रही थी।
कोरोना का भय तो है लेकिन लॉकडाउन लगाने से आर्थिक हालत बदतर हो जाएगी। पिछली बार लॉकडाउन से काफी नुकसान उठाना पड़ा। किसी तरह गाड़ी पटरी पर लौट रही थी। लेकिन अब इसी तरह लॉकडाउन लगता रहा तो भूखों मरने की नौबत आ जाएगी। - ओम कुमार, निवासी खुर्जा
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कोरोना लगातार फैल रहा है। एक दिन का लॉकडाउन सही है। इससे कोई ज्यादा नुकसान नहीं होगा। लेकिन अगर काफी दिनों के लिए लॉकडाउन लगा तो स्थित बिगड़ सकती है। ऐसे में सभी लोगों सावधानी बरतनी चाहिए ताकि कोरोना न फैले। - पूरन सिंह, निवासी खुर्जा
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