डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर अलर्ट जारी
बुलंदशहर। कोरोना संक्रमण की अभी तक तीसरी लहर आने की आशंका जताई जा रही थी, ऐसे में नए डेल्टा ओर डेल्टा प्लस वैरिएंट के सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता और बढ़ गई है। हालांकि जनपद में अभी तक डेल्टा प्लस वैरिएंट की किसी भी व्यक्ति में पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन एहतियातन स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। साथ ही बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की जीनोम सीक्वेंसिंग कराई जाएगी।
अन्य राज्यों के साथ प्रदेश के कई जनपदों में डेल्टा प्लस वैरिएंट की पुष्टि हो चुकी है। स्वास्थ्य अफसरों के अनुसार, डेल्टा प्लस वैरिएंट कोरोना की दूसरी लहर से बेहद खतरनाक है। महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में एक-एक व्यक्ति की इससे मौत हो चुकी है। इसके अलावा दिल्ली, केरल, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्रप्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में डेल्टा प्लस वैरिएंट की लोगों में पुष्टि हो चुकी है। ऐसे में यहाँ की यात्रा कर आने वाले लोगों की कोरोना जांच के साथ जीनोम सीक्वेंसिंग भी कराई जाएगी। अगर किसी मे लक्षण मिलते है तो उसको इलाज दिलाया जाएगा। साथ ही संबंधित के संपर्क में आने वाले लोगों की भी जीनोम सीक्वेंसिंग कराई जाएगी।
ये हैं लक्षण
एसीएमओ डॉ. रोहताश यादव ने बताया कि डेल्टा प्लस वैरिएंट लक्षण लगभग समान हैं। इसमें सूखी खांसी होती है, दस्त आने व बुखार आने के साथ कमजोरी और थकान महसूस होने लगती है। हालात बिगड़ने पर सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी और सांस फूलने लगती है। बातचीत करने में भी मरीज को परेशानी होती है। इससे बचाव के लिए लोगों को कोविड-19 गाइड लाइन का पालन करना होगा। साथ ही टीका लगवाकर इसके प्रभाव से बचा जा सकता है। लोग टीका लगवाने के साथ बिना मास्क के घर से बाहर न निकले।
डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की निगरानी के लिए टीम गठित की जा रही है। जो 14 दिन तक बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की कोरोना जांच कराने के साथ निगरानी करेंगी। डेल्टा प्लस वैरिएंट को फैलने से बचाने के लिए लोग स्वयं को आइसोलेट कर सकते हैं।
- डॉ. भवतोष शंखधर, सीएमओ