संक्रमण हुआ कम पर मौतें नहीं थमीं
बुलंदशहर। जून में कोरोना का संक्रमण तेजी से घट रहा है लेकिन मौतें अब भी जारी हैं। पंद्रह दिन में 390 लोग कोरोना से संक्रमित मिले लेकिन 24 लोगों की मौत हो गई। मई माह में 15 दिन के दौरान 5,875 लोग कोरोना संक्रमित मिले और 31 लोगों की मौत हुई।
कोरोना संक्रमण की पहली लहर के दौरान 368 दिन में 6,325 लोग संक्रमित मिले और 94 संक्रमित की मौत हुई। इसके बाद एक अप्रैल से दूसरी लहर शुरू हो गई। हालांकि अप्रैल के पहले सप्ताह में संक्रमित की संख्या में इजाफा होना शुरू हो गया, लेकिन 12 अप्रैल से संक्रमित के एक दिन में आंकड़े 100 के पार पहुंचने लगे। वहीं, मई माह शुरू होने के पहले दिन संक्रमित के एक दिन में सर्वाधिक 549 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद 15 दिन में तीन बार 500 के पार आंकड़े आए। साथ ही जून माह में संक्रमण के आंकड़ों में गिरावट आनी शुरू होने से लोगों को राहत मिलने लगी। लेकिन संक्रमित की मौत के आंकड़े लगातार बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग चिंतित भी नजर आ रहा है।
जून में पॉजिटिव तो अप्रैल में मौत हुई कम
जून माह में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में गिरावट होनी शुरू हो गई। 15 दिन में जहां अब तक सबसे कम 390 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई तो वहीं, अप्रैल माह में पीक शुरू होने के दौरान 15 दिन में मात्र दो संक्रमित की मौत होने की पुष्टि हुई।
एक से 15 दिन के आंकड़े
दिन/माह पॉजिटिव मौत एक्टिव कुल आंकड़े
01 से 15 अप्रैल 948 02 788 7,273
01 से 15 मई 5,875 31 3,451 17,369
01 से 15 जून 390 24 125 20,040
दो दिन से किसी ने नहीं ली रेमडेसिविर
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान 20 अप्रैल से रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए मारामारी रही। अप्रैल माह में लोगों को ब्लैक में रेमडेसिविर भी खरीदना पड़ा। अप्रैल माह में 20 तारीख के बाद प्रतिदिन 20 से अधिक लोगों को इंजेक्शन उपलब्ध कराए गए। मई माह में यह संख्या प्रतिदिन 50 से अधिक बढ़ गई। वहीं, 20 मई के बाद रेमडेसिविर इंजेक्शन खरीदने वालों की संख्या भी नाममात्र पर पहुंच गई। अब एक हजार से अधिक रेमडेसिविर इंजेक्शन ड्रग वेयर हाउस में रखे हुए हैं। जहां कोई खरीदार दो दिन से नहीं आया है।
कोरोना संक्रमण धीरे-धीरे कम हो रहा है। शुरुआत के दौरान अप्रैल माह में अस्पताल में मरीजों को भर्ती कराने के साथ अन्य व्यवस्थाओं को करने में व्यस्त रहे। मई माह में भी हालात खराब रहे। 15 मई के बाद से धीरे-धीरे ग्राफ कम हुआ। जून माह में ग्राफ काफी कम होने से राहत मिली है। - डॉ. भवतोष शंखधर, सीएमओ