मरीजों की संख्या में हुआ सुधार, रेमडेसिविर की मांग बरकरार
बुलंदशहर। जनपद में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की दस्तक के साथ ही हाहाकार की स्थिति पैदा हो गई थी। कोविड अस्पतालों में मरीजों के लिए बेड का टोटा खड़ा हो गया। वहीं, बेड के साथ समय पर रेमडेसिविर इंजेक्शन न मिलने की वजह से कई मरीजों की सांसे तक थम गईं। मजबूरी में लोगों को 25 हजार रुपये से अधिक धनराशि में इंजेक्शन खरीदने पड़े थे। लेकिन पिछले कई दिनों से संक्रमण की रफ्तार में मंदी देखने को मिल रही है। अब रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी भी नहीं रही है। कोविड अस्पतालों में बेड जहां खाली होने लगे हैं। वहीं, पीक समय माना जाए तो एक से तीन मई तक जनपद में 1053 लोग संक्रमित मिले। पीक के दौरान 210 मरीजों को रेमडेसिविर उपलब्ध कराया गया। वहीं, चार लोगों की मौत हो गई। 19 से 21 मई के बीच जनपद में 558 लोग संक्रमित मिले। वहीं, 107 मरीजों को रेमडेसिविर उपलब्ध कराया गया। जबकि छह लोगों की मौत हो चुकी है।
एक मई से तीन मई तक 1,053 संक्रमित मिले
जनपद में एक मई को सर्वाधिक 549 लोग संक्रमित मिले, दो मई को 209 और तीन मई को 295 लोग संक्रमित आये। इनमें एक मई को 516 लोग होम आइसोलेशन में रहे, दो को 177 और तीन को 244 लोग होम आइसोलेट रहे। एक मई को तीन लोगों की मौत हुई तो तीन को एक व्यक्ति की मौत हुई। इस दौरान गंभीर कोरोना संक्त्रस्मित को बचाने के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग भी रही। एक मई को 63 लोगों ने, दो को 73 ओर तीन मई को 74 लोगों ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग की।
मौत का ग्राफ बढ़ा, लेकिन घटा संक्रमण दर
19 मई से जनपद में कोरोना के नए संक्रमण के केस में कमी आने लगी है। 19 मई को 163, 20 को 214 और 21 मई को 181 लोग संक्त्रस्मित मिले। इनमें 19 मई को 137, 20 मई को 170 और 21 मई को 157 लोगों को होम आइसोलेट किया गया। इस दौरान 19 मई को तीन, 20 को एक और 21 मई को दो संक्रमित की मौत हो गई है। वहीं, 19 मई को 53 लोगों ने, 20 को 40 ओर 21 मई को 14 लोगों ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग की।
दिन प्रतिदिन घट रही श्मशानों में चिताओं की संख्या
देवीपुरा स्थित श्मशान घाट कमेटी के अध्यक्ष हितेश गर्ग ने बताया कि कोरोना काल के पीक टाइम में गत 1 मई को श्मशान घाट में 10 अंतिम संस्कार हुए थे, जिसमें दो शव कोरोना पॉजिटिव थे। जबकि, 2 मई को 8 लोगों का अंतिम संस्कार हुआ, जिनमें एक की रिपोर्ट पॉजिटिव थी। साथ ही 3 मई को 11 लोगों का अंतिम संस्कार हुआ, जिसमें 3 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। वहीं गत 19 मई को 4 लोगों का अंतिम संस्कार हुआ था, जिसमें एक की रिपोर्ट पॉजिटिव थी। जबकि 20 मई को 3 लोगों का अंतिम संस्कार हुआ, जिसमें 2 लोग पॉजिटिव थे। वही, 21 मई को केवल एक शव का अंतिम संस्कार हुआ, जिसकी रिपोर्ट नेगेटिव थी।
ऑक्सीजन की करीब डेढ़ मीट्रिक टन खपत हुई कम
बुलंदशहर। जनपद में कोराना के पीक पर एक दो और तीन मई को ऑक्सीजन की खपत पांच से छह मीट्रिक टन थी। ऑक्सीजन सिलिंडर लेने के लिए लोग भटकने को मजबूर हो रहे थे। ऑक्सीजन की सप्लाई जनपद में गाजियाबाद, नोएडा और मेरठ से आ रही थी। यह खपत अब पिछले तीन दिनों में कम होकर 3.50 मीट्रिक टन के करीब रह गई है। मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक पांडेय ने बताया कि इस समय जनपद में करीब डेढ़ मीट्रिक टन ऑक्सीजन की खपत कम हो गई है। इस समय ऑक्सीजन की कमी नहीं है और मरीजों के लिए जरूरत पड़ने पर तुरंत उपलब्ध करवाई जा रही है।
कंट्रोल रूम में घटी वेंटीलेटर, ऑक्सीजन की शिकायत
जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार घटने के साथ ही इंटीग्रेटेड कोविड कंट्रोल सेंटर में शिकायतों की संख्या में भी कमी आई है। हालांकि संक्त्रस्मण के पीक पर होने के दौरान वेंटीलेटर और ऑक्सीजन न मिलने की शिकायतें आ रही थी, लेकिन अब 80 फीसदी शिकायतकर्ता गांव में कैंप लगाने, सैनिटाइजेशन और वैक्सीनेशन के लिए फोन कर रहे हैं। जिला प्रशासन द्वार संचालित कोविड कंट्रोल सेंटर में एक मई को 55, दो मई को 70 और तीन मई को 71 शिकायतें आईं। इस दौरान 75 फीसदी शिकायतें ऑक्सीजन और वेंटीलेटर से जुड़ी हुई थीं। जबकि 19 मई को 47, 20 मई को 56 और 21 मई को कुल 49 शिकायतें आईं। जिसमें अधिकतर सेनेटाइजेशन और वैक्सीनेश और टेस्टिंग की जानकारी को लेकर है।
धीरे-धीरे जनपद के हालात सामान्य होते जा रहे हैं। कोविड अस्पतालों में बेड भी पर्याप्त है और सीएमएसडी में लोगों को आसानी से रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध कराया जा रहा है।
- डॉ. भवतोष शंखधर, सीएमओ
जनपद में कोरोना की रोकथाम के लिए अनेक समितियां बनाई गई हैं, जो संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए शहर से लेकर देहात तक सतत प्रयासरत हैं। ऑक्सीजन, बेड और रेमडेसिविर भी लोगों को उपलब्ध कराया जा रहा है।
- रविंद्र कुमार, जिलाधिकारी