प्रशासन को नहीं पता कितने बेड खाली, कितनों पर हैं मरीज
बुलंदशहर। एक सप्ताह पहले तक ऑक्सीजन और वेंटिलेटर के लिए मची मारामारी अब कम हो गई है। ऐसा नहीं है कि मरीजों की संख्या में कमी आई है, बल्कि ऑक्सीजन की सप्लाई बढ़ने और वेंटिलेटर की संख्या में इजाफा होने के कारण अब लोगों को अपेक्षाकृत जल्द ही सुविधा मिल पा रही है। हालांकि प्रशासन को अभी तक कितने अस्पतालों में कितने बेड, कितने वेंटिलेटर खाली हैं इसकी जानकारी नहीं है।
मई की शुरुआत में जिले में वेंटिलेटर की संख्या कम होने और ऑक्सीजन की सप्लाई पर्याप्त न होने के कारण लोगों में काफी दहशत थी। हालात यह थे कि अस्पतालों के बाहर लोग अपने मरीज को लेकर इंतजार करते रहते थे, लेकिन मरीज अधिक और वेंटिलेटर कम होने के कारण उन्हें पर्याप्त उपचार नहीं मिल पाता था। इस दौरान कोविड कंट्रोल रूम में भी बड़ी संख्या में लोग फोन कर ऑक्सीजन, अस्पतालों में बेड, वेंटिलेटर दिलाए जाने की गुहार लगाते थे। हालांकि समय के साथ-साथ मरीजों की संख्या बढ़ रही है तो वहीं जिले में संसाधनों की संख्या में भी इजाफा किया गया है। मई की शुरुआत में जहां वीआईआईटी कॉलेज को केवल एल वन अस्पताल बनाया गया था, वहीं इसमें से कुछ बेड पर ऑक्सीजन की सपोर्ट देकर एल टू अस्पताल भी बनाया गया है। वहीं, डिबाई में भी 100 बेड के राजकीय अस्पताल में 50 बेड का कोविड अस्पताल ऑक्सीजन की सुविधा से लैस कर बनाया गया है।
प्रतिदिन मिल रही 6.5 टन ऑक्सीजन की सप्लाई
सीडीओ व नोडल अधिकारी अभिषेक पांडेय के मुताबिक जिले में फिलहाल प्रतिदिन 6.5 टन ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है। जबकि कोविड अस्पतालों के साथ सामान्य अस्पतालों में प्रतिदिन पांच टन ऑक्सीजन की खपत हो रही है। जिसके चलते जिला प्रशासन के पास करीब डेढ़ टन ऑक्सीजन प्रतिदिन बच रही है। इसमें से हापुड़ के अस्पतालों के लिए एक टन ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है।
कोविड कंट्रोल रूम में घटी शिकायतों की संख्या
मई की शुरुआत में कोविड कंट्रोल रूम में ऑक्सीजन और वेंटिलेटर के साथ अस्पतालों में बेड दिलाने के लिए औसतन 30 शिकायतें प्रतिदिन आ रहीं थीं। जबकि कुछ लोग अपने मित्र-रिश्तेदारों से सीधे फोन कर सिफारिश करा रहे थे। कंट्रोल रूम में तैनात डा. विनीत भारद्वाज के मुताबिक अब सप्लाई और व्यवस्थाओं में इजाफा हुआ तो अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन और वेंटिलेटर के लिए आने वाली शिकायतें घटकर 10-12 ही रह गई हैं।
यह सुविधाएं हैं कोविड अस्पतालों में
वेंटिलेटर 41
ऑक्सीजन बेड 511
आइसीयू बेड 122
अस्पताल एल वन 03
अस्पताल एल टू 08
अस्पताल एल थ्री 00
लगातार मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए कदम उठाया जा रहा है। कोविड के बेड, ऑक्सीजन की सप्लाई और ऑक्सीजन युक्त बेड की संख्या में इजाफा किया गया है। जिससे अब मरीजों को समय पर उपचार मिल रहा है। आगे और भी सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।
रविंद्र कुमार, डीएम