किसी की सांसों को न टूटने देने की है जिद
बुलंदशहर। कोरोना संक्रमण जनपद में तेजी से फैल रहा हैं। हम लोग ड्यूटी करते-करते थक चुके हैं। घर में परेशानी होने के बावजूद कोरोना योद्धा मरीजों की सेवा में दिन-रात जुटे हुए हैं और परिवार से दूरी बना रखी है। यह दर्द स्वास्थ्यकर्मियों का है, जो अपने परिवार से दूरियां बनाकर गैरों का इलाज करने में जुटे हुए हैं। योद्धाओं की जिद है कि किसी की सांसे इलाज के अभाव में न टूटने पाएं।
रमजान में मिल रहा सेवा करने का मौका
नगर के मामन चौकी क्षेत्र निवासी नसीर अहमद जिला अस्पताल में वार्ड ब्यॉय के पद पर कार्यरत हैं। कोरोना संक्रमण बढ़ने के साथ-साथ रमजान माह भी शुरू हो गया। नसीर अहमद बताते हैं कि वह पूरे रमजान माह में रोजा रखता है और इस बार भी रोजा रखकर कार्य कर रहे हैं। बताया कि गत वर्ष भी रमजान माह में लोगों की सेवा करने का मौका मिला था और इस बार भी लोगों की सेवा करने का मौका मिला है तो इसे गवाया नहीं। रमजान माह में अल्लाह की विशेष रहमतें नाजिल होती हैं। यह महीना बरकतों का महीना है। इस महीने में रोजा रख कर जो भी दुआ मांगी जाए, कबूल होती है। रमजान का महीना इंसानियत के साथ हमदर्दी का महीना है, इसलिए हमें इस महीने में मानवता की सेवा में कोई कमी नहीं छोड़नी चाहिए। रमजान के महीने में मानवता की सेवा करते हुए धर्म, समुदाय आदि का भेदभाव करना सब से बड़ा गुनाह है। इसी उद्देश्य से सेवाभाव छोड़ना नहीं चाहता हूं।
कोई भी मिले जिम्मेदारी निभाएंगे
मूलरूप से हापुड़ के रहने वाले डॉ. एमपी सिंह जिला अस्पताल में वरिष्ठ परामर्शदाता एवं बाल रोग विशेषज्ञ के पद पर कार्यरत हैं। फिलहाल परिवार संग अस्पताल परिसर में ही रह रहे हैं। अपने पद की जिम्मेदारी के साथ-साथ वह कई वर्षों से समय-समय पर प्रभारी सीएमएस के पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। गत माह सीएमएस के कोरोना संक्रमित आने पर करीब 20 दिन तक पद की जिम्मेदारी संभालते हुए मरीजों का उपचार भी किया। डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि कि संक्रमण बढ़ने पर एक भी दिन की छुट्टी नहीं ली है। जिससे मरीजों का उपचार न छूटे। बताया कि अन्य साथियों के साथ मिलकर अस्पताल आने वाले मरीजों का उपचार करने का प्रयास रहता हैं। साथ ही एहतियात भी बरते रहे हैं।
दिन हो या रात ड्यूटी करनी मरीजों के बीच
शिकारपुर निवासी रामचंद्र वर्मा जिला अस्पताल में चीफ फार्मासिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। उनकी ड्यूटी अधिकांश समय इमरजेंसी में ही लगती रहती है। रामचंद्र वर्मा ने बताया कि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों का उपचार करने में डर नहीं लगता है। कई बार उपचार के बाद पता चलता है कि संबंधित मरीज कोरोना पॉजिटिव हैं। कभी-कभी मरीज हिम्मत हारता नजर आता है तो उसका उत्साहवर्धन करते हैं। जिससे वह जल्द से जल्द स्वस्थ हो सके। बताया कि ड्यूटी के चलते परिवार के सदस्यों से दूरी बना रखी हैं। साथ ही घर जाने पर एहतियात बरतता हूं और अगले दिन फिर जिम्मेदारी निभाने के लिए निकल पड़ता हूं।
साथी हुए संक्रमित फिर भी डटा हूं ड्यूटी पर
सीएमओ कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी के पद पर कार्यरत नानक चंद्र नगर के देवीपुरा में परिवार संग रहते हैं। सीएमओ कार्यालय में गत माह में करीब 10 चिकित्साधिकारी से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव आ चुके हैं। इसके बावजूद वह ड्यूटी पर निरंतर आ रहे हैं। नानक चंद्र ने बताया कि जब बड़े-बड़े अधिकारी दिन-रात ड्यूटी कर लोगों की जान बचाने का प्रयास कर रहे हैं तो वह क्यूं पीछे हटे। कभी-कभी उन्हें भी ड्यूटी समाप्त होने के बाद रुकना पड़ जाता है। बताया कि सभी का योगदान कोरोना से बचाव में हो इसके लिए वह साथियों के संक्रमित आने के बाद भी ड्यूटी पर लगातार आ रहे हैं और सभी से हंसकर बात करते हैं। जिससे सामने वाले का आत्मबल बना रहे।