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पंचायत चुनाव के बाद हर दिन 360 संक्रमित

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पंचायत चुनाव के बाद हर दिन 360 संक्रमित
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बुलंदशहर। पंचायत चुनावों के बाद जिले के गांवों में कोरोना संक्रमण बेकाबू हो गया है। पंचायत चुनाव से पहले जहां हर रोज औसतन 71 लोग रोज संक्रमित हो रहे थे वहीं मतदान के बाद यह आंकड़ा 360 व्यक्ति प्रतिदिन पर पहुंच गया। चुनाव बाद दस दिन में ही 23 लोगोें की कोरोना से मौत हो गई। इन दिनों सबसे अधिक संक्रमित ग्रामीण क्षेत्र में मिल रहे हैं।
एक से 12 अप्रैल तक जनपद में रोजाना 71 लोग संक्रमित मिल रहे थे। इसके बाद त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर गांव-गांव चौपाल लगने के साथ प्रचार-प्रसार शुरू हो गया और दूरदराज से लोग गांव में आने लगे। जैसे-जैसे नामांकन पत्रों की खरीदारी, नामांकन, मतदान आदि शुरू हुए। उसके बाद से जनपद में संक्रमित बढ़ते चले गए। चुनाव की नामांकन प्रक्रिया शुरू होने पर 17 अप्रैल से 29 अप्रैल तक रोजाना औसतन 290 केस सामने आए। मतदान संपन्न होने के बाद 30 अप्रैल से नौ मई तक जनपद में हर रोज औसतन 360 संक्रमण के मामले सामने आए हैं।
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एक अप्रैल से नौ मई तक ऐसे बढ़ा संक्रमण:
दिन/समय संक्रमित मौत डिस्चार्ज
एक से 16 अप्रैल 1,137 02 212
17 से 29 अप्रैल 3,778 28 2,018
29 अप्रैल से नौ मई 3,609 23 3,099
कुल 8,524 53 5,329
कोविड प्रोटोकॉल उल्लंघन में मामले हुए दर्ज
26 मार्च को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर जनपद भर में आचार संहिता लागू हो गई थी। जिसके बाद से पुलिस ने कार्रवाई करनी शुरू की। पुलिस ने इस दौरान जनपद भर के विभिन्न थानों में कुल 64 मामले आचार संहिता उल्लंघन के दर्ज किए थे।इसमें कोविड प्रोटोकॉल के उल्लधन के भी मामले शामिल रहे। जिनमें 148 लोगों को नामजद किया गया था। जबकि, अन्य आरोपी अज्ञात में दर्ज किए गए थे। इसके अलावा 29 अप्रैल को मतदान वाले दिन पुलिस ने सिकंदराबाद, नरसेना, अरनिया और जहांगीराबाद पुलिस ने छुटपुट घटनाओं के चार मामले दर्ज किए थे।
चुनाव में ड्यूटी में लगे 24 शिक्षकों की हो चुकी है मौत
पंचायत चुनाव ड्यूटी प्रक्रिया में लगे अब तक 24 शिक्षकों की मौत हो चुकी है। मरने वालों में बेसिक के 20 और माध्यमिक शिक्षा से चार शिक्षक-कर्मचारी शामिल हैं। शिक्षक संघ के नेताओं की मानें तो अभी भी 200 से अधिक शिक्षक संक्रमित हैं। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने बताया कि यदि पंचायत चुनाव में शिक्षकों की ड्यूटी न लगती तो शायद उनकी जान बच सकती थी। संघ की ओर से शासन को मांगपत्र भेजकर मरने वाले शिक्षकों के परिवार को मुआवजा देने की मांग की है। जनपद में अभी भी 200 से अधिक शिक्षक और कर्मचारी संक्रमित हैं। शासन को ज्ञापन भेजकर मरने वाले शिक्षक व कर्मचारियों के परिजनों को 50 लाख का मुआवजा देने सहित कई अन्य मांग उठाई गई हैं।
चुनाव में गांव तक फैला कोरोना
कोरोना को तो बढ़ना ही था, चुनाव नहीं होते तो भी बढ़ता लेकिन आंकड़े कम रहते। पंचायत चुनाव के दौरान यह शहरों में बढ़ता, लेकिन इस दौरान यह गांव में पहुंच गया। गांव से लोग नामांकन व अन्य कार्य के लिए शहर आए और शहर आकर कोरोना को साथ ले गए। जहां चुनाव नही हुए है वहां भी संक्रमण बढ़ रहा है। शहर की अपेक्षा गांव में कोरोना को कंट्रोल करना मुश्किल है। - डॉ. वीरेंद्र कुमार, आईएमए अध्यक्ष
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13 अप्रैल के बाद बढ़े मामले
13 अप्रैल से पूर्व जनपद में नाममात्र संक्रमित मिल रहे थे। एकाएक कोरोना संक्रमित की संख्या में इजाफा शुरू हो गया। जहां-जहां संक्रमित मिल रहे वहां पर संबंधित के संपर्क में आने वालों की जांच कराई जा रही हैं। अगर किसी व्यक्ति में कोविड लक्षण है तो स्वयं को आइसोलेट कर लें। जिससे कोरोना चेन न बने। - डॉ. रोहताश यादव, एसीएमओ/नोडल अधिकारी
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