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58 फीसद हो गई थी ऑक्सीजन, हौसले से जीती जंग

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58 फीसद हो गई थी ऑक्सीजन, हौसले से जीती जंग
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बुलंदशहर। बुलंदशहर नगर निवासी कोरोना संक्रमित एक महिला ने 58 फीसदी ऑक्सीजन होने पर साहस और चिकित्सक से मिले साथ के चलते कोरोना को मात देने में सफल रहीं। रविवार को अस्पताल से ठीक होने पर महिला ने चिकित्सक को दूसरी जिंदगी देने पर मार्मिक पत्र लिखा हैं। जो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रहा है।
बुलंदशहर नगर के आदर्श नगर निवासी 44 वर्षीय महिला ममता गुप्ता को सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सक की परामर्श पर सीटी स्कैन कराया। सीटी स्कैन की रिपोर्ट में 95.7 फीसदी फेफड़े खराब मिलने पर बड़े-बड़े कोविड अस्पतालों द्वारा भर्ती करने से इनकार कर दिया।
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ममता गुप्ता ने बताया कि वह बिल्कुल टूट चुकी थीं इसी बीच स्याना विजय श्री हॉस्पिटल में चिकित्सक से भर्ती करने की मांग की तो उन्होंने बिना देरी भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया। बताया कि भर्ती करने के दौरान ऑक्सीजन लेवल 58 फीसदी से भी कम था। चिकित्सक ने भाई बनकर उनका उपचार किया जिसे वो ताउम्र नहीं भूलेंगी। बताया कि चिकित्सक को भगवान का रूप कहा जाता था जिसे आज देख भी लिया। इस संबंध में महिला ने संक्रमित आने के बाद से डिस्चार्ज होने की कहानी एक पेपर पर लिख अस्पताल के संचालक डॉ. धीरज सिंह को सौंपा। साथ ही जटिया चिकित्सालय द्वारा किये गए अभद्र व्यवहार की स्वास्थ्य विभाग से शिकायत भी की है।
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