हर दूसरे दिन गांव में एक व्यक्ति की हो रही मौत, लोगों में दहशत
शिकारपुर। करीब आठ हजार की आबादी वाले गांव कैलावन में हर दूसरे दिन एक व्यक्ति की मौत हो रही है। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। हालात यह है कि लोग बीमार होने के बाद भी अपनी कोविड जांच कराने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। जबकि गांव में जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग खानापूर्ति कर रहा है।
क्षेत्र के गांव कैलावन के लोगों को हल्की सी बीमारी होने पर न्यूनतम पांच किमी दूर सरकारी अस्पताल में जाना पड़ता है। सरकारी अस्पताल के दूर होने के कारण ग्रामीण झोलाछाप चिकित्सकों से ही दवाई लेकर काम चला रहे हैं। कोविड महामारी के दौर में गांव में लगातार लोगों की मौत हो रही है। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने यहां हालात को संभालने और कोविड संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए अभी तक ठोस कदम नहीं उठाया है। गांव में स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभी तक केवल कांति प्रसाद की मौत को कोविड से मौत के आंकड़ों में शामिल किया है। जबकि अन्य लोगों की न तो मरने से पहले जांच कराई और न ही इनके मरने के बाद इनके परिवार की जांच हुई है।
महामारी को हराने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को आना होगा आगे
महामारी को हराने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को आगे आना होगा। लोगों को अधिक से अधिक अपनी जांच करानी होगी, साथ ही बुखार आने पर उसे हल्के में न लें। लोगों की सहायता के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बात करते हुए कैंप लगवाए जाएंगे। लोगों को भी कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए खुद व पूरे गांव को सुरक्षित रखना है।
उमेश कोरी, ग्राम प्रधान कैलावन
गांव के विकास के लिए आवश्यक है कि गांव में प्रत्येक व्यक्ति स्वस्थ रहे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग का कार्य जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्वपूर्ण है कि लोग भी अपनी जिम्मेदारी समझें। लोगों की मदद के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बात करते हुए हर संभव मदद कराई जाएगी। - हरियल, क्षेत्र पंचायत सदस्य
80 साल पहले भी आई थी भयानक बीमारी
करीब 80 साल पहले भी ऐसी ही एक महामारी आई थी। जब पिस्सू के काटने से फैलने वाली बीमारी के कारण हजारों की संख्या में लोगों की मौत हुई थी। हालात इतने भयावह थे कि श्मशान में एक शव का अंतिम संस्कार कर आते थे और दूसरे व्यक्ति की मौत की जानकारी मिलती थी। कई माह तक गैर आबाद गांव राक्सोंठ में जाकर रहे थे और सरकार के इंतजाम के बाद ही वापस लौटे थे।
- श्योराज सिंह कश्यप
अप्रैल माह में गांव में हुई मौत का विवरण
भगवान सहाय पुत्र प्यारेलाल
सरला देवी पत्नी फकीर चंद शर्मा
कांति प्रसाद शर्मा पुत्र रामचंद्र
महेंद्र पाल शर्मा पुत्र शंकरलाल
शकुंतला शर्मा पत्नी राजपाल शर्मा
रामचरन शर्मा पुत्र महिलाल शर्मा
निरंजन लाल शर्मा पुत्र लक्ष्मण प्रसाद शर्मा
शकुंतला देवी पत्नी निरंजन लाल शर्मा
कुमुद रानी पत्नी रामअवतार शर्मा
अजीज पुत्र सदीक
विजयपाल शर्मा पुत्र चिंतामणि
रविशंकर शर्मा पुत्र शेर सिंह
शंता पत्नी गोपी जाटव
शांति पत्नी खचेरू सिंह
राम सिंह पुत्र छोटा मकसूदन
गुदरिया पुत्र बुद्धन सिंह
त्रिवेणी पत्नी खजानी
ज्ञानवती पत्नी कुंवरपाल शर्मा
गांवों में एएनएम और आशा द्वारा डोर टू डोर सर्वे कराया जा रहा है। संदिग्ध और चलने फिरने में असमर्थ व्यक्ति का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा जा रहा है। जांच के बाद उसे दवा की किट भी दी जा रही है।
डा. शशि शेखर सिंह, सीएचसी प्रभारी शिकारपुर