कोरोना संक्रमित मिले 285, 221 हुए ठीक, एक की मौत
बुलंदशहर। जनपद में कोरोना संक्रमण की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। रविवार को आई जांच रिपोर्ट में 285 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। इसके अलावा 221 लोग ठीक होकर अपने घर पहुंचे। वहीं, एक संक्रमित की उपचार के दौरान मौत हो गई। जिले में अब कुल केस 14,852 हो गए है। जिसमें अब तक 11,587 लोग ठीक हो चुके हैं और 147 लोगों की मौत हो चुकी है। शेष 3188 लोगों का होम आइसोलेट समेत विभिन्न कोविड-19 अस्पताल में उपचार चल रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें कोरोना से पीड़ित लोगों के घर-घर जाकर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के साथ परिवार के लोगों के अलावा आसपास के लोगों को कोरोना से बचाव की जानकारी देकर जागरूक कर रही है। इसके बावजूद जनपद में कोरोना की रफ्तार कम नहीं हो रही है।
एसीएमओ/नोडल अधिकारी डॉ. रोहताश यादव ने बताया कि रविवार को सर्वाधिक 45 संक्रमित डिबाई क्षेत्र में मिले हैं। खुर्जा व स्याना में 26-26, बुलंदशहर, अनूपशहर व शिकारपुर में 22-22 बीबीनगर व पहासू में 19-19 सिकंदराबाद में 18, गुलावठी में 15, ऊंचागांव में 14, लखावटी में 10, दानपुर व जहांगीराबाद में 9-9, धरपा में सात ओर अरनिया क्षेत्र निवासी दो व्यक्तियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। उन्होंने लोगों से बेवजह घर से बाहर न निकलने की अपील की है।
मिला 5500 डोज, आज होगा वैक्सीनेशन
बुलंदशहर। कोरोना से बचाव के लिए चल रहे टीकाकरण के दौरान शनिवार को जनपद में वैक्सीन समाप्त हो गई थी। वैक्सीन न होने पर अधिकांश केंद्रों से लोगों को बिना वैक्सीन लगवाए बैरंग लौटना पड़ा। वहीं, विभाग द्वारा इसकी सूचना उच्च अफसरों को अवगत करा दी जिससे वैक्सीन की आपूर्ति मिल सके। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी/एसीएमओ डॉ. सुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीनेशन का कार्य किया जा रहा है। रविवार को मेरठ मेडिकल कॉलेज से 5500 कोवेक्सीन का डोज प्राप्त हुआ है। सोमवार को सभी टीकाकरण केंद्रों पर टीकाकरण होगा। इसके लिए लोगों को घर से ही पंजीकरण कराकर लाना होगा। बिना पंजीकरण आने वाले लोगों को टीका नही लगाया जाएगा। बताया कि 45 वर्ष से अधिक उम्र के जो लोग टीकाकरण से वंचित चल रहे हैं वो पंजीकरण कराने के बाद टीका जरूर लगवा लें।
पांच दिन में 1119 को बांटी मेडिसिन किट, 1806 किए गए चिन्हित
बुलंदशहर। कोरोना संक्रमण बढ़ने पर शासन के निर्देश पर पांच मई से घर-घर जाकर लोगों की जांच का अभियान नौ को संपन्न हो गया। पांच दिन चले अभियान के तहत 2200 टीम द्वारा 4,42,172 घरों में जाकर जांच करने का दावा किया गया। टीम में आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका शामिल रहीं। अभियान के तहत टीम ने घर-घर जाकर लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग और पल्स की जांच की। एसीएमओ/नोडल अधिकारी डॉ. सुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि घर में छुपे संक्रमितों की पुष्टि करने के लिए शासन के निर्देश पर अभियान चलाया गया। जो घर-घर जाकर संक्रमितों की पुष्टि के लिए जरूरत होने पर कोविड जांच कराएगी।
इसके लिए सभी टीम को कोरोना से बचाव की सामग्री और दवा उपलब्ध कराई गई। बताया कि शासन से 4,82,679 घरों को चिन्हित करने का लक्ष्य दिया गया। जिसके सापेक्ष 4,42,172 घरों का टीम द्वारा जांच का कार्य पूरा किया गया। इस दौरान 1,806 लोग चिन्हित किये गए। साथ ही विभिन्न बीमारी के 1637 लोगों को चिन्हित किया गया। साथ ही 1119 लोगों को मेडिसिन किट वितरित की गई।