संक्रमण बढ़ने पर सरकारी अस्पताल में ओपीडी बंद होने के आसार
बुलंदशहर। जनपद में कोरोना संक्रमण बढ़ने पर सरकारी चिकित्सालयों में ओपीडी बंद होने की संभावना बनने लगी है। जनपद के 76 सीएचसी-पीएचसी पर कार्यरत 1346 स्वास्थ्य कर्मियों में से 560 स्वास्थ्य कर्मियों की कोविड टीकाकरण और जांच में ड्यूटी लगाई गई है। शेष 789 द्वारा लोगों का उपचार किया जा रहा है, जो नाकाफी साबित हो रहा है।
गत वर्ष कोरोना संक्रमण बढ़ने पर सरकारी चिकित्सालयों में ओपीडी सेवा बंद कर दी गई थी। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने घर-घर जाकर संक्रमित की पहचान करने के साथ कोविड-19 अस्पताल में उपचार भी किया। वहीं, 14 अप्रैल तक 704 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। संक्रमण बढ़ने पर प्रदेश के कई जनपदों में ओपीडी सेवा बंद कर दी गई है, जिसके बाद जनपद में भी ओपीडी सेवा बंद होने की संभावना स्वास्थ्य अफसर जताने लगे हैं।
जांच और वैक्सीनेशन में तैनात हैं 560 कर्मी
जनपद में 86 सरकारी चिकित्सालयों को वैक्सीनेशन केंद्र बनाया गया है। स्वास्थ्य अफसरों के अनुसार, एक टीम में छह लोगों को शामिल किया गया है। कभी-कभी केंद्रों पर सत्र की संख्या बढ़ने पर स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी लगा दी जाती है। इसके अलावा 21 टीमें कोविड-19 जांच में लगी हुई हैं। प्रत्येक टीम में दो-दो सदस्यों को जिम्मेदारी सौंपी गई है जो सरकारी चिकित्सालयों में जाकर एंटीजन किट से जांच के अलावा आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल ले रहे हैं।
जनपद में स्वास्थ्य कर्मियों की पहले से ही काफी कमी चल रही है। वर्तमान में कार्यरत सभी कर्मियों से कार्य लिया जा रहा है। कोविड जांच और वैक्सीनेशन में भी स्वास्थ्य कर्मियों को लगाया गया है, जिससे कुछ केंद्रों पर स्वास्थ्य कर्मियों की कमी खल रही है। शासन स्तर से जनपद में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों का डाटा मांगे जाने पर भेजा जा चुका है। अगर संक्रमित के मामले बढ़ते रहे तो ओपीडी सेवाओं पर प्रभाव पड़ सकता है। शासन से आदेश मिलने पर ओपीडी बंद की जाएगी।
- डॉ. भवतोष शंखधर, सीएमओ
टुकड़ों में आ रही कोविड वैक्सीन की खेप
बुलंदशहर। कोरोना से बचाव के लिए जनपद में वैक्सीनेशन के लिए 86 केंद्र बनाए गए हैं, जहां 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को रविवार को छोड़कर अन्य दिनों में वैक्सीन की पहली डोज लगाई जा रही है। 11 अप्रैल से 14 अप्रैल तक चले टीका महोत्सव के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा आगरा से वैक्सीन मंगाई गई। जिला वैक्सीन स्टोर मैनेजर देवराज कुमार ने बताया कि सात अप्रैल को एक हजार डोज मेरठ से, 10 अप्रैल को 20 हजार डोज आगरा से, 13 अप्रैल को 10 हजार डोज मेरठ से और 15 अप्रैल को 7400 डोज लखनऊ से वैक्सीन वाहन में लायी गई। बताया कि वैक्सीन आने पर संबंधित केंद्रों पर भेज दी गई। वर्तमान में जिला मुख्यालय स्थित कोल्ड चेन में 200 डोज शेष बची हुई है। जल्द ही वैक्सीन की सप्लाई मिलने की उम्मीद है। एसीएमआ/नोडल अधिकारी डॉ. सुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि वैक्सीन की उपलब्धता बनी रहे इसके लिए मेरठ के अलावा, आगरा, बरेली और लखनऊ आदि स्थानों से वैक्सीन मंगवाई जा रही है।