कोरोना संक्रमण शुरू हुए एक साल पूरा हो गया है। वहीं, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में जिस तेजी से कोरोना संक्रमण दोबारा गति पकड़ रहा है। उसी तेजी से कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण किया जा रहा है, उससे कोरोना के प्रति लोगों का डर कुछ कम होगा, लेकिन दोबारा बढ़ते आंकड़े खतरे की घंटी भी बजा रहे हैं।
चिकित्सकों ने बताया कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई अभी चल रही है। पिछले एक साल से कोराना संक्रमण के काल में लोगों का इलाज किया गया। अब फिर से कंगमण फैलने के आसार पर इससे जंग के लिए तैयार हैं। चिकित्सकों का कहना है कि कोरोना की अनदेखी करना जोखिम भरा साबित हो सकता है, इसलिए कोरोना से बचाव के लिए जारी गाइडलाइन का सभी पालन करें। इसे तभी जीता जा सकता है जब लोग जागरूक हो। ये लड़ाई लंबी ना चले इसके लिए मास्क जरूर लगाए, सोशल डिस्टेंसिग का पालन करें और हाथों को समय-समय पर धोते रहें।
पंजाब, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है।अगर लोगों ने इसे हल्के में लिया और लापरवाही बरती तो यह वायरस कभी भी दोबारा हमला कर सकता है, इसलिए सावधानी बरतें। मास्क और सैनिटाइजर का प्रयोग जरूर करें। - डॉ. वीरेंद्र कुमार, आइएमए अध्यक्ष
दुनिया भर में कोरोना के कई स्ट्रेन हैं। जनपदवासियों को इससे सावधान रहने की जरूरत है। जनसंख्या के हिसाब से संपूर्ण भारत में सभी को टीका लगाने में लंबा समय लग सकता है। इसलिए सभी को सावधानी बरतनी होगी। -डॉ. संजीव अग्रवाल, आईएमए सचिव
कोरोना काल में जब निजी अस्पतालों में दरवाजे बंद हो गए थे और चिकित्सक उपलब्ध नहीं थे। ऐसे समय में मरीजों को सरकारी चिकित्सालयों में उपचार दिया। खुद की जान जोखिम में डालकर बेहतर से बेहतर उपचार देने की कोशिश की। अब भविष्य में पुन ऐसा कार्य करने की जरूरत पड़ी तो हम पीछे नहीं हटेंगे। - डॉ. हितेश, सीएचसी प्रभारी लखावटी
इसके लिए लोग जागरूक होकर स्वयं अपनी और अपने परिवार की रक्षा करें। टीकाकरण में जिसकी बारी आ रही है, वह टीका अवश्य लगवाएं, जिससे संबंधित सुरक्षित रह सकें। कोरोना से बचाव का टीका पूरी तरह सुरक्षित है। - डॉ. ललित, सीएचसी प्रभारी धरपा