बीते साल आज के दिन था जनता कर्फ्यू, इस साल वैक्सीन से राहत
बुलंदशहर। कोरोना संक्रमण को लेकर गत वर्ष 22 मार्च को जनता कर्फ्यू लगाया गया था। इस दौरान लोग घरों में कैद रहे। लोगों में कोरोना के प्रति काफी डर था। इस साल वैक्सीन आ जाने से संक्रमण के बावजूद लोगों को राहत की उम्मीद है।
जनता कर्फ्यू के दिन लोगों ने कोरोना योद्धाओं का आभार जताने के लिए ताली-थाली बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया था। पूरे दिन सड़कें सुनसान नजर आईं और शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर घरों की छत, बालकनी और गेट पर परिवार संग खड़े नजर आए। धीरे-धीरे समय बीतता गया तो परिस्थिति भी बदलती चली गई। पहले लॉकडाउन फिर अनलॉक लागू किया गया। उसके बाद ढील मिलती गई। अब राहत की आस है।
देश में पहली बार जनता कर्फ्यू लागू हुआ जिसे सुनकर उत्साहित थे कि एक दिन में कोरोना से बचाव हो जाएगा, लेकिन वो ट्रेलर निकला। बाद में लॉकडाउन लागू होने पर व्यवस्था बिगड़ती चली गई।
- मनीष चौधरी
जनता कर्फ्यू लागू होने पर पूरे दिन पालन किया। घर के सभी सदस्य घर के अंदर ही रहे और निर्धारित समय पर कोरोना योद्धाओं का उत्साहवर्धन किया।
- रिजवान
पहले कोरोना से डर था कि कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन कब आएगी और कैसे इस पर काबू पाया जाएगा। देश के वैज्ञानिकों ने समय से वैक्सीन बनाकर इतिहास रचा है।
- दिप्ती यादव
कोरोना काल के दौरान शुरू में जिंदगी थम सी गई थी। डर था कि परिवार के किसी सदस्य को संक्रमण अपनी चपेट में न ले ले। कोरोना गाइडलाइन का पालन किया। जनता कर्फ्यू के दिन भी सभी लोग एक साथ रहे।
- अंजली