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Bulandshahar News: दोषी महिला की अपील खारिज, भुगतनी होगी तीन साल की सजा

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बुलंदशहर। रुपये दोगुने करने का झांसा देकर 13.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में अपर सत्र न्यायालय त्वरित न्यायालय कोर्ट संख्या-4 से दोषी महिला को राहत नहीं दी है। अदालत ने निचली अदालत द्वारा सुनाई गई तीन वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा को बरकरार रखते हुए महिला की अपील खारिज कर दी है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेजने के आदेश दिए हैं।
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वादी अनिल शर्मा निवासी गांव खिदरपुर थाना खानपुर ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि नरसैना थाना क्षेत्र के गांव भड़कऊ निवासी अशोक चौहान, उसकी पत्नी हेलन देवी और हापुड़ निवासी सुषमा ने वर्ष 2019 में उससे संपर्क किया। आरोपियों ने बताया कि वे निपटेक ग्लोबल प्रा.लि. नाम की कंपनी चलाते हैं। इसमें एफडी कराने पर पौने तीन साल में रकम दोगुनी कर दी जाती है।
पीड़ित ने जमीन बिक्री से मिले 13.50 लाख रुपये गवाहों की मौजूदगी में आरोपियों को सौंप दिए। आरोपियों ने कंपनी के नाम से कूटरचित पासबुक और पीएनबी बैंक की 27 लाख रुपये की चेक की फोटोकॉपी थमा दी। बाद में लॉकडाउन के दौरान आरोपी ऑफिस बंद कर भाग गए। पीड़ित की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी व अमानत में खयानत की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
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अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या-4 ने मामले की सुनवाई करते हुए हेलन देवी सहित अन्य आरोपियों को धारा 420 में दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के साधारण कारावास व 5000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ हेलन देवी ने अपर सत्र न्यायालय में अपील दाखिल की थी। मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश डाॅ. सुरेश कुमार ने दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने और पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अपील को आधारहीन मानते हुए खारिज कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी का छल करने का आशय शुरू से ही विद्यमान था। कोर्ट ने दोषी महिला को हिरासत में लेकर शेष सजा भुगतने के निर्देश दिए।
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