बुलंदशहर। पांच साल पहले खुर्जा के एक गांव निवासी किशोरी के साथ छेड़छाड़ के मामले में कोर्ट ने दोषी को पांच साल की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। उक्त युवक एक अन्य मामले में भी दुष्कर्म और हत्या का दोषी करार दिया जा चुका है। उस मामले में तीन सितंबर 2021 को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है।
विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो सुनील शर्मा और महेश राघव ने बताया कि 23 अप्रैल 2018 को खुर्जा के एक गांव निवासी पीड़ित परिजनों ने पुलिस को शिकायत दी थी। आरोप है कि 15 वर्षीय किशोरी के साथ गांव का ही एक युवक छेड़छाड़ करता था। आरोपी ने किशोरी का हाथ पकड़कर अश्लील हरकतें की थी। इसके बाद परिजनों से शिकायत की तो आरोपी ने माफी मांग ली थी। आरोप है कि 22 अप्रैल की शाम करीब सात बजे जब किशोरी घर से दुकान पर सामान लेने जा रही थी, इसी दौरान आरोपी अशोक ने उसके साथ अश्लील हरकत की। जब इस मामले की शिकायत लेकर आरोपी के परिजनों के पास गए तो आरोपी देर रात अपने साथियों के साथ उसके पास पहुंचा और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद 23 अप्रैल को जब पीड़िता शौच के लिए जा रही थी तो आरोपी ने उसका हाथ पकड़कर खींचने का प्रयास किया। शोर मचाने पर जब लोग मौके पर पहुंचे तो आरोपी भाग गया। अब न्यायाधीश तरुण कुमार सिंह ने मामले में अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी अशोक को पॉक्सो एक्ट का दोषी पाया और पांच साल की सजा के साथ 10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। दोषी युवक 2020 में भी एक नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोषी करार दिया गया है। उस मामले में तीन सितंबर 2021 में कोर्ट ने अशोक को फांसी की सजा सुनाई थी।