अहार/उंचागांव। थाना अहार क्षेत्र के गांव खालिकपुर निवासी सिविल ठेकेदार खेमचंद को गूगल से एक सीमेंट कंपनी के अधिकारी का नंबर लेकर आर्डर करना भारी पड़ गया। शातिर अपराधियों ने ठेकेदार के दो आर्डर नोट किए और उनके एवज में अपने खाते में 3.12 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। आर्डर न पहुंचने पर पीड़ित को ठगी की जानकारी हुई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ठेकेदार खेमचन्द सिंह ने तहरीर दी। बताया कि व सिविल की ठेकेदारी करते हैं। उन्होंने अपनी फर्म का ठेकेदारी में रजिस्ट्रेशन भी कराया हुआ है। उनकी फर्म का कार्य इस समय झारखंड में चल रहा है। उन्हें वहां कार्य के लिए सीमेंट की जरूरत थी। उन्होंने गूगल पर जाकर एक सीमेंट कंपनी के अधिकारी का नंबर तलाशना शुरू किया, जो आसानी से झारखंड की उनकी साइट पर सीमेंट पहुंचा दे।
इस दौरान उन्हें एक नामी कंपनी के सेल्स मैनेजर का मोबाइल नंबर मिल गया। जिससे उन्होंने फोन पर बात की। बातचीत के दौरान ठेकेदार उस व्यक्ति की बातों से संतुष्ट हो गया और उन्हें दो आर्डर नोट करा दिए। इसमें एक आर्डर 650 कट्टों का और दूसरा 550 कट्टों का था। 21 फरवरी को अपने एक्सिस बैंक के खाते से उन्होंने आरोपी के दिए गए खाते में दो बार में 3 लाख 12 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।
इसके बाद आरोपी सेल्स मैनेजर ने ठेकेदार को एक ट्रक का नंबर व डाइवर को मोबाइल नंबर दे दिया लेकिन तय समय पर सीमेंट उनकी साइट पर नहीं पहुंचा। इसके बाद उन्होंने आरोपी के दिए नंबर पर कॉल की तो वह भी स्विच ऑफ जा रहा था। एसपी देहात रोहित मिश्र ने बताया कि मामले में तहरीर के आधार पर अज्ञात शातिरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।