डिबाई। कोतवाली क्षेत्र के गांव पोखरपुर में ट्रांसफार्मर पर काम करने के दौरान एक संविदाकर्मी की करंट लगने से देर रात मौत हो गई। परिजनों व ग्रामीणों ने बेलौन मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। मृतक के भाई ने जेई और एसएसओ के खिलाफ थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
गांव ईशनपुर निवासी रमेश चंद्र ने बताया कि उनके भाई भगवान स्वरूप (35) विद्युत विभाग में करीब दस वर्ष से संविदाकर्मी के रूप में कार्यरत थे। गांव पोखरपुर ट्रांसफार्मर पर शनिवार देर शाम करीब सात बजे लाइन पर काम कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने विभाग से शटडाउन भी लिया हुआ था। लेकिन इसके बावजूद अचानक आपूर्ति सुचारू कर दी गई। इससे उनके भाई करंट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए।
ग्रामीणों ने उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद हायर मेडिकल सेंटर अलीगढ़ रेफर कर दिया गया। जहां, देर रात उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई।
परिजन देर रात शव को गांव ले आए और घटनास्थल फीडर के समीप बेलौन मार्ग पर शटडाउन के बावजूद लाइन चालू करने पर हुए हादसे का आरोप लगाया और मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। मृतक के भाई रमेश चंद्र ने विद्युत विभाग के जेई इंद्रेश कुमार व समय से पहले शटडाउन खोलने वाले एसएसओ लोकेंद्र के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए थाना अध्यक्ष को तहरीर दी। विद्युत विभाग व पुलिस अधिकारियों के समझाने पर ग्रामीण पोस्टमार्टम को तैयार हुए। मृतक के परिवार में मां केला देवी, पत्नी भागेश्वरी, पुत्र सागर, हर्षित, बृजेश और मनीष हैं। रविवार को पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। जहां उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
I- विभाग में मृतक भगवान स्वरूप संविदाकर्मी के पद पर करीब 10 वर्षों से कार्यरत रहे। बिजली सुचारू करने के लिए ब्रेकडाउन लेकर काम कर रहे थे। विभागीय नियमानुसार 7.50 लाख रुपये की आर्थिक मदद तत्काल दिलाने का प्रयास किया जाएगा। - राहुल रतन बोधी, एक्सईएनI
I- मामले में तहरीर के आधार पर जांच कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। - शोभित कुमार, सीओ डिबाई।I
कर्मचारी की मौत के बाद विलाप करते परिजन। संवाद