छोटी काशी के नाम से विख्यात अनूपशहर सीट पर इस बार सियासी दंगल दिलचस्प होगा। जाट, ब्राहमण और मुस्लिम बाहुल्य सीट पर दलित वोट भी मायने रखते हैं। इस लिए इस सीट का सिरमौर बनने के लिए पुराने दिग्गजों के साथ-साथ नए खिलाड़ी भी मैदान में उतर आए हैं।
3 लाख 60 हजार 475 मतदाताओं वाली सीट में महिला वोटरों की संख्या एक लाख 65 हजार 530 हैं। इसके बावजूद किसी दल में महिला प्रत्याशी नहीं उतारा है। महिला प्रत्याशी के रूप में निर्दलीय अर्चना सिंह ही मैदान में हैं।
अनूपशहर विधानसभा सीट है। इस सीट पर बसपा ने जाट, मुस्लिम और दलित वोटर्स की तादाद को देखते हुए गजेंद्र सिंह को तीसरी बार चुनाव मैदान में उतारा है। गजेंद्र इसी सीट पर दो बार विधायक रह चुके हैं। भाजपा ने जाट और ब्राह्मणों की संख्या को देखते हुए संजय शर्मा को चुनाव मैदान में उतारा है। संजय ने हाल ही में एमएलसी का चुनाव लड़ा था।
भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर बागी हुए होशियार सिंह रालोद के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं। सैयद हिमायत अली पर सपा आला कमान ने दोबारा भरोसा जताया है। हिमायत पिछला चुनाव महज ढाई हजार वोटों से हारे थे।