पहासू। मणिपुर हिंसा के विरोध में शनिवार शाम को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मशाल जुलूस निकाला। वहीं सर्वोच्च न्यायालय से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही राष्ट्रपति से मणिपुर सरकार को बर्खास्त करने की मांग की।
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राकेश भाटी और युवा जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान के नेतृत्व में शिकारपुर अड्डे से शुरू हुआ मशाल जुलूस ब्लॉक परिसर के अशोक स्तंभ पर समाप्त हुआ । मशाल जुलूस में सैकड़ों लोग सड़क पर उतरे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार के खिलाफ नारे लगाए और मणिपुर के मुख्यमंत्री को हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया।
जिलाध्यक्ष राकेश भाटी ने कहा कि भाजपा और केंद्र सरकार की मणिपुर हिंसा पर चुप्पी शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि भाजपा हिंसा को बढ़ावा दे रही है। जियाउर्रहमान एड ने कहा कि मणिपुर में महिलाओं से दरिंदगी करने वालों को चौराहे पर फांसी दी जानी चाहिए। इस दौरान डॉ. शुजात अली, ज्ञानेंद्र राघव, नगर अध्यक्ष सगीर अहमद, रवि वर्मा, रविंद्र प्रधान, फरीद अहमद, शाहिद अल्वी, धर्मेंद्र, ब्लॉक अध्यक्ष डॉ. शखावत, जावेद खान, बिलाल पाशा, कुलदीप पचौरी, फरीद अफरीदी, नजीर खां, सुरेंद्र उपाध्याय, मुजीब खान, मनोज शर्मा आदि मौजूद रहे।
मणिपुर की घटना नफरत की राजनीति का परिणाम : डीपी सिंह
औरंगाबाद। शहीद चंद्रशेखर आजाद के 118वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में रविवार को गांव राजगढ़ी में किसानों की पंचायत आहूत की गई। पंचायत में कामरेड डीपी सिंह ने कहा कि भाजपा सत्ता के लिए देश की जनता की एकता को तोड़ने के लिए सत्ता का दुरुपयोग कर रही है। धर्म जाति क्षेत्र भाषा के नाम पर नफरत फैलाकर लोगों को लड़ाया जा रहा है। मणिपुर की घटना इसी नफरत की राजनीति का परिणाम है। इससे पूर्व किसानों ने चंद्रशेखर के फोटो के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर पुष्प अर्पित किए। किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव चंद्रपाल सिंह ने शहीद चंद्रशेखर आजाद के जीवन पर प्रकाश डाला। पंचायत की अध्यक्षता ब्रह्मपाल सिंह, व संचालन किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष जगवीर सिंह ने किया। पंचायत में जगवीर सिंह भाटी, आशीष चौहान, हिम्मत सिंह, खालिद, सीताराम शर्मा, रियाजुल हसन, महेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, आलमगीर, प्रमोद, संजीव, अरुण, कालू, जगवीर, चंद्रवीर, मनोज, आदि मौजूद रहे। संवाद