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Bulandshahar News: इंजेक्शन लगने से छह बच्चों समेत 13 की बिगड़ी हालत

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जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में इंजेक्शन लगने के बाद बेड पर बेहोशी की हालत में लेटे मरीज के 
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बुलंदशहर। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में रविवार शाम इंजेक्शन लगने से भर्ती 13 मरीजों की हालत अचानक से बिगड़ गई। जाड़ा लगने, उल्टी और बेचैनी होने पर परिजन अपने मरीजों को इमरजेंसी की ओर लेकर भागे। तीन मरीजों को परिजन रेफर करवा निजी अस्पताल में ले गए। फिलहाल अन्य मरीजों का उपचार चल रहा है। सीएमएस ने संबंधित इंजेक्शन को वापस भेजने की बात कही।
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जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सामान्य मरीजों के लिए 20 बेड आरक्षित हैं। यहां पर उल्टी, दस्त, बुखार आदि के मरीजों को भर्ती किया जाता है। रविवार दोपहर को वार्ड में भर्ती सोनम, आसिफ, माहिर, गौरव, मोनू व आकांक्षा समेत करीब अन्य मरीजों को स्टाफ नर्स ने चिकित्सक के परामर्श अनुसार एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगते ही 13 मरीजों का स्वास्थ्य अचानक बिगड़ने लगा। अधिकांश को जाड़ा लगने के साथ कंपकंपी होने लगी तो कुछ को उल्टी व बेचैनी की समस्या बन गई। मरीजों के साथ भर्ती तीमारदार अपने-अपने मरीजों को इमरजेंसी में लेकर भागने लगे। इमरजेंसी में इलाज होने के बाद भी राहत न मिलने पर तीन बच्चों को परिजन निजी अस्पताल ले गए। जबकि शेष का उपचार जिला अस्पताल में ही चल रहा है।

करीब एक घंटे बाद पहुंचे बाल रोग विशेषज्ञ
इमरजेंसी में शाम पांच बजे बच्चों की हालत बिगड़ने पर स्टाफ द्वारा इसकी सूचना अस्पताल प्रशासन और बाल रोग विशेषज्ञ को दे दी। वह भी सूचना मिलने के करीब एक घंटे बाद इमरजेंसी वार्ड पहुंचे। तबतक अधिकांश बच्चों की स्थिति सामान्य हो चुकी थी। स्टाफ नर्स का कहना है कि अन्य दिन ऐसी कोई समस्या नहीं रही, रविवार को ही अचानक मरीजों की हालत बिगड़ी।
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तीमारदारों का आरोप गर्मी व वार्ड में बदबू से भी बन रही समस्या
सोनम की मां परवीन जहां व आसिफ की मां रहीसा ने बताया कि उनके बच्चे को इंजेक्शन लगने के बाद उल्टी आनी शुरू हो गई व बुखार होने के साथ चक्कर आने लगे। माहिर की मां रुकसार ने बताया कि उनका बेटा अचानक नीला पड़ गया। वार्ड में गर्मी भी बहुत है और बदबू भी आती रहती है।
दूसरे वार्ड में भर्ती गौरव, मोनू ने बताया कि इंजेक्शन लगने के बाद अचानक कंपकंपी छूटने लगी। कंबल ओढ़ने के बाद भी राहत नहीं मिली। परिजन इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। अभी भी बुखार है।
मरीज आकांक्षा के भाई अरविंद ने बताया कि बहन भर्ती है। इंजेक्शन लगने के बाद हाथ-पैर में अकड़न, बेचैनी की समस्या बताने लगी। थोड़ी देर में बुखार की समस्या बन गई। करीब एक घंटे से मालिश कर रहे हैं। लेकिन राहत नहीं मिल रही।

मामले की जानकारी मिलने पर बाल रोग विशेषज्ञ को भेजा गया। पहली बार ऐसा हुआ है। इंजेक्शन की रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी। साथ ही संबंधित इंजेक्शन को वापस भेज उसकी जगह दूसरा इंजेक्शन मंगवाया जाएगा। - डॉ. राजीव प्रसाद, सीएमएस जिला अस्पताल
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