बुलंदशहर। ऊर्जा निगम में कार्यरत आउटसोर्स कंप्यूटर ऑपरेटरों को नौकरी से निकालने और वेतन में कटौती किए जाने के खिलाफ उन्होंने सोमवार को प्रदर्शन किया। मुख्य अभियंता कार्यालय में प्रदर्शन करते हुए उन्होंने एमडी ईशा दुहन पर ऑपरेटरों को नौकरी से निकालने और वेतन में कटौती करने के आरोप लगाए।
ऊर्जा निगम के बुलंदशहर जोन (बुलंदशहर और हापुड़ जिला) में करीब 175 कंप्यूटर ऑपरेटर कार्यरत हैं। नए वित्त वर्ष से इनकी संख्या घटाकर 118 किए जाने की योजना तैयार की गई है। इसके अलावा उनके वेतन में भी कटौती किए जाने की योजना बनाई गई है। एमडी स्तर पर हुई बैठक में 11 मार्च को इसका निर्णय लिया गया।
इस दौरान कंप्यूटर ऑपरेटरों ने कहा कि सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने और उन्हें सुविधाएं देने की बात कर रही है, लेकिन एमडी व अन्य अधिकारियों ने मिलकर हमें नौकरी से निकालने की योजना बनाई है। इससे साफ है कि सरकार की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। आरोप है कि जिन ऑपरेटरों को नौकरी पर रखा जाएगा, उनके वेतन से भी पांच हजार रुपये की कटौती की जाएगी। मौके पर विकास, सुबोध, सचिन, शोभित, राहुल, उमेश कुमार, जितेंद्र कुमार, मोनिका, हितेश, सोनू कुमार आदि मौजूद रहे।
हड़ताल के चलते परेशान होकर लौटे उपभोक्ता
कंप्यूटर ऑपरेटर की हड़ताल के कारण सोमवार को कनेक्शन की क्षमता बढ़ाने, घटाने, बिल संशोधन समेत अन्य कार्यों के लिए आए उपभोक्ताओं को वापस लौटना पड़ा। वहीं, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही वेतन कटौती और ऑपरेटर को नौकरी से निकालने का आदेश वापस नहीं लिया तो वह 20 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करेंगे।
Iजोन में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर अभी तक तीन वर्गों में कार्य कर रहे थे जिन्हें अलग-अलग वेतन दिया जा रहा था। अब इसे खत्म करते हुए एक ही वर्ग बनाकर समान वेतन पर कार्य कराया जाना है। वेतन कटौती नहीं की गई है, बल्कि समान वेतन किए जाने से कुछ ऑपरेटर का वेतन बढ़ा है तो कुछ का कम हुआ है। - संजीव कुमार, मुख्य अभियंता, ऊर्जा निगमI