सोमवार को जिला पंचायत परिसर में जुटे समिति के सदस्य।
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शिलापट्ट से नाम गायब होने पर सोमवार को जिला पंचायत सदस्यों ने जिला पंचायत परिसर में जमकर हंगामा किया। सदस्यों ने न सिर्फ शिलापट्ट के लिए बनाई जा रही दीवार को ढहा दिया, बल्कि नाम नहीं लिखे होने पर इंजीनियर से नोकझोंक की।
जिला पंचायत परिषद की ओर से जिला पंचायत परिसर में कैंटीन के पास शिलापट्ट लगाया जा रहा है। शिलापट्ट को लगाने के लिए ढांचे का निर्माण कार्य चल रहा है। सोमवार को जिला पंचायत सदस्य सुनील चरौरा के नेतृत्व में कई सदस्य जिला पंचायत परिसर में पहुंचे और सदस्यों ने जिला पंचायत प्रशासन पर शिलापट्ट पर सदस्यों का नाम नहीं लिखने का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया।
आक्रोशित सदस्यों ने शिलापट्ट के लिए बनाई जा रही दीवार भी गिरा दी। निर्माण कार्य में घटिया निर्माण सामग्री लगाने का आरोप भी लगाया। हंगामे की सूचना जिला पंचायत मुख्य अभियंता को दी गई। आनन-फानन में इंजीनियर पहुंचे और ढहाए गए निर्माण कार्य की फोटोग्राफी कराई।
निर्माण ढहाने और शिलापट्ट पर नाम नहीं लिखने को लेकर सदस्य और इंजीनियर के बीच नोकझोंक भी हुई। इस दौरान पंकज प्रधान, शैलेस शर्मा, जगत सिंह, मनवीर प्रमुख, लक्ष्मण सैनी, धमेंद्र चौधरी, अनुज सिरोही आदि मौजूद रहे। जिला पंचायत सदस्यों का कहना है कि शिलापट्ट पर सदस्यों का नाम होना चाहिए था लेकिन मनमानी के कारण नहीं लिखा गया।
शिलापट्ट पर नाम नहीं होने की बात कहकर कुछ सदस्यों ने निर्माण ढहा दिया। अब तक बोर्ड बना ही नहीं है। ऐसे में सदस्यों का विरोध सही नहीं है। - विजय श्रीवास्तव, इंजीनियर, जिला पंचायत