गैर इरादतन हत्या के दो दोषियों को 10-10 साल की सजा
बुलंदशहर। दस साल पहले चीनी मिल कर्मचारी की गैर इरादतन हत्या के मामले में दो दोषियों को कोर्ट ने दस-दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही दोषियों पर 20-20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
एडीजीसी राजीव मलिक ने बताया कि 20 दिसंबर 2012 को गुलावठी के गांव भोगपुर निवासी कपिल ने बताया कि उसके पिता वीरेंद्र ब्रजनाथ शुगर मिल में लिपिक के पद पर तैनात थे। 19 दिसंबर की रात को मिल से लौटते समय गांव में ही मंदिर के पास पहुंचने पर गांव के ही आरोपी हरेंद्र, देवेंद्र, रोहताश, अनिल ने लाठी डंडों से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। गंभीर हालत में उनका इलाज दिल्ली के अस्पताल में कराया था।
26 दिसंबर को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मामले में अपर सत्र न्यायाधीश विवेक कुमार की कोर्ट ने सुनवाई करते हुए दो आरोपियों को दोषी ठहराया। इस दौरान दोषी हरेंद्र व देवेंद्र उर्फ छोटू को दस-दस साल की सजा और 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। बताया जा रहा है कि अन्य दो आरोपियों का वाद दूसरे न्यायालय में लंबित है, जबकि एक आरोपी की मौत हो चुकी है।