नगर विकास मंत्री आजम खां द्वारा 29 जुलाई को मुरादाबाद में लेखपालों के संबंध में दिए गए बयान के विरोध में मंगलवार लेखपालों ने सदर तहसील में धरना दिया। लेखपालों ने प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को निंदा प्रस्ताव भेजकर मंत्री को हटाने की मांग की है।
तहसील परिसर में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले दिया धरना गया। तहसील अध्यक्ष केहर सिंह और तहसील सचिव मनीष कुमार ने कहा कि मंत्री आजम खां ने लेखपालों को अपमानित करने का काम किया है। इसलिए धरना देकर निंदा प्रस्ताव पास कर मुख्यमंत्री को भेजकर मांग की है कि ऐसे मंत्री को तत्काल प्रभाव से हटा दिया जाए।
धरने में अमित भाठी, उमेश लोधी, लक्ष्मन सिंह, प्रमोद सक्सेना, ठाकुर दास लोधी और दिनेश चंद शर्मा शामिल रहे। वहीं खुर्जा में भी लेखपालों ने मंगलवार को तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान देवेंद शर्मा, रविद्रंपाल, सतपाल, रामबाबू शर्मा, मौजूद रहे।
लेखपालों ने किया कार्य बाहिष्कार
अनूपशहर/स्याना/शिकारपुर/सिकंदराबाद। नगर विकास मंत्री आजम खां के लेखपाल संवर्ग के खिलाफ दिए बयान को लेकर लेखपालों में जबरदस्त उबाल है। मंगलवार को अनूपशहर तहसील के लेखपालों ने आजम खां के बयान के विरोध में कार्य बाहिष्कार कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम राहुल यादव को दिया।
इस दौरान लेखपाल तहसील संघ अध्यक्ष तेजदत्त शर्मा, शील कुमार, देवकुमार, खुशीराम, चंद्रभान सिंह मौजूद रहे। वहीं, स्याना में लेखपालों ने काम काज बंद करके विरोध जताया। इस दौरान स्याना तहसील अध्यक्ष दिनेश कौशिक, सचिव क्षेत्रपाल सिंह, सचिन गर्ग, रफीक अहमद, मोमराज सिंह मौजूद रहे।
उधर, शिकारपुर में लेखपालों ने तहसील परिसर में धरना दिया। बाद में अपनी मांगों का एक ज्ञापन एसडीएम सुनील कुमार सिंह को सौंपा। इस दौरान अध्यक्ष दिनेश कुमार सिंह, रामप्रसाद सैनी, नैपाल सिंह, प्रेमप्रकाश शर्मा, लियाकत अली मौजूद रहे। सिकंदराबाद में भी उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के नेतृत्व में लेखपालों ने तहसील पर एक दिवसीय धरना दिया।
लेखपालों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम अरुण कुमार को सौंपा। इस दौरान अध्यक्ष यशपाल मलिक, नंदकिशोर, सुभाष राठी, सुभाष लोधी, जितेश शर्मा मौजूद रहे।