बुलंदशहर। इलेक्ट्रॉनिक कांटा बनाने वाली कंपनी के अधिकारी से रिश्वत लेते हुए बाट माप विभाग के लिपिक को एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार किया है। रिश्वत के तौर पर ली गई 15 हजार रुपये को आरोपी के पास से बरामद किया है। साथ ही आरोपी के खिलाफ कोतवाली देहात में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
दिल्ली की इलेक्ट्रॉनिक कांटा और तराजू बनाने वाली कंपनी झाझर में धर्मकांटा लगा रही है। कंपनी की ओर से प्रवीण कुमार ने बाट माप विभाग के कार्यालय में संपर्क करते हुए वेरिफिकेशन और मैपिंग की मांग की। इसपर बाट माप विभाग के कार्यालय में तैनात लिपिक दुजई लाल ने प्रवीण कुमार से रिश्वत की मांग की। कई दिनों तक रिश्वत न देने पर आरोपी ने मैपिंग करने में अड़ंगा अड़ा दिया। इसके चलते प्रवीण कुमार ने कंपनी के अधिकारियों से वार्ता की और मेरठ स्थित एंटी करप्शन कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। शनिवार को टीम ने 15 हजार रुपये की रिश्वत के नोट पर केमिकल लगाकर योजनाबद्ध तरीके से प्रवीण को देते हुए आरोपी लिपिक दुजई लाल को देने के लिए दिए। दोपहर को कार्यालय पहुंचकर प्रवीण कुमार ने जब लिपिक दुजई लाल को रिश्वत दी तो एंटी करप्शन टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद टीम ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली। मामले में आरोपी दुजई लाल के खिलाफ कोतवाली देहात में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। एसपी सिटी सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि एंटी करप्शन विभाग की टीम की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। जल्द आगे की जांच की जाएगी।