ऊंचागांव क्षेत्र में झोलाछाप की दुकान पर बुखार पीडि़तो ग्लूकोस लगा हुआ। संवाद
बुलंदशहर/गुलावठी/ऊंचागांव। गुलावठी क्षेत्र के गांव असाबर में बुखार से पीड़ित बच्चे ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। विभागीय अफसरों का कहना है कि परिजन उपचार से संबंधित कोई रिकॉर्ड नहीं दिखा सके। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले के छह गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। इनमें कुल 552 मरीजों का उपचार किया गया। इसमें 166 बुखार से पीड़ित मिले। ऊंचागांव क्षेत्र में झोलाछाप अब भी बुखार पीड़ितों का खाट बिछाकर इलाज कर रहे हैं।
गुलावठी क्षेत्र के गांव असाबर निवासी सुधीर कुमार का 12 वर्षीय पुत्र शौर्य प्रताप कक्षा छह का छात्र था। चाचा विवेक कर्दम ने बताया कि शौर्य को चार दिन पूर्व बुखार हुआ। शुरुआत में गुलावठी में उपचार कराया। हालत बिगड़ने पर मेरठ, मेरठ से नोएडा और नोएडा से दिल्ली लेकर गए। दिल्ली के एक अस्पताल में उपचार के दौरान मंगलवार को दम तोड़ दिया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. पवन मावी ने बताया कि बच्चा मल्टी ऑर्गन फेलियर से पीड़ित था। फिलहाल परिजन कोई रिकॉर्ड नहीं दिखा सके हैं। जांच की जा रही है।
चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमित कुमार ने बताया कि शिविरों में मिले बुखार से पीड़ित मरीजों की मलेरिया, टायफाइड व एनएस-1 किट से जांच की गई। एनएस-1 किट में दो मरीज पॉजिटिव आए हैं। बताया कि विभाग व मलेरिया विभाग की नौ टीम गांव-गांव घर-घर जाकर लोगों को घर व आसपास पानी न जमा होने की सलाह दे रहे हैं। साथ ही दो टीमों ने एंटी लार्वा का छिड़काव करने के साथ सर्वे किया।
खाट बिछाई और शुरु किया उपचार
ऊंचागांव क्षेत्र में अब भी झोलाछाप खाट बिछाकर लोगों का खुलेआम उपचार कर रहे हैं। इससे लोगों की हालत भी गंभीर हो रही है। बुधवार को क्षेत्र के गांव नगला मदारीपुर रोड पर दो बुखार पीड़ितों को सड़क किनारे खाट पर लिटाकर उपचार किया गया। ये हाल तब है जब दो दिन पूर्व एसीएमओ ने दो झोलाछाप की दुकानें बंद करने के साथ दो पैथोलॉजी लैब सील किया था।
बच्चे की मौत मल्टी ऑर्गन फेलियर से होना सामने आया है। जांच कराई जा रही है। बुखार पीड़ितों के गांव में शिविर भी लगाए जा रहे हैं। खाट बिछाकर उपचार करने के मामले की जांच करवा कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ