दादरी से अपहृत मासूम की हत्या, वलीपुरा नहर में मिला शव
बुलंदशहर। गौतमबुद्धनगर के दादरी क्षेत्र से गत 31 मार्च को अपहृत हुए साढ़े तीन वर्षीय मासूम बालक की हत्या कर दी गई है। उसका शव रविवार को नगर कोतवाली क्षेत्र से गुजर रही वलीपुरा गंगनहर में मिला। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजकर दादरी पुलिस को सूचना दी। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों ने मृतक की शिनाख्त की।
नगर कोतवाली पुलिस को रविवार सुबह सूचना मिली कि वलीपुरा नहर में एक मासूम बालक का शव पड़ा हुआ है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया। बालक की उम्र करीब 3 साल थी। नगर पुलिस की जांच में दादरी क्षेत्र से 31 मार्च को एक बालक के लापता होने का पता चला। इस पर दादरी पुलिस को सूचना दी गई। साथ ही पुलिस ने शव को मोर्चरी भिजवा दिया। सूचना मिलते ही दादरी पुलिस अपने साथ पीड़ित परिजनों को लेकर बुलंदशहर पोस्टमार्टम हाउस पहुंची। यहां पीड़ित परिजनों ने शव की शिनाख्त लापता दक्ष (3) पुत्र मुनेंद्र निवासी वेद विहार कॉलोनी, रेलवे रोड (दादरी) के रूप में की।
पीड़ित पिता मुनेंद्र ने बताया कि 31 मार्च को दक्ष घर के बाहर खेलते हुए आइसक्रीम लेने निकला था। इसके बाद से ही उसका कोई पता नहीं चला। मामले में दादरी कोतवाली में उसके गायब होने के संबंध में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई थी। परिजनों की मानें तो दादरी पुलिस द्वारा बालक का पता लगाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई। आशंका जताई जा रही है कि अज्ञात आरोपियों ने गला दबाकर हत्या कर शव को नहर में फेंका है। शव काफी फूला हुआ था, जिससे उसके 3 से 4 दिन पुराना होने की आशंका से भी इनकार नही किया जा सकता है।
कोतवाली प्रभारी अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि मासूम के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। घटना की रिपोर्ट दादरी कोतवाली में ही दर्ज है। इसी कारण वहीं से केस की जांच की जाएगी।
दादरी पुलिस करती तत्काल कार्रवाई तो बच सकती थी दक्ष की जिंदगी
बुलंदशहर। 31 मार्च को मासूम दक्ष के लापता होने के बाद से पुलिस ने उसकी तलाश में कोई ठोस कार्रवाई नही की थी। यदि पुलिस समय रहते ठोस कदम उठाकर दक्ष की तलाश करती तो शायद आज वह परिवार के साथ जिंदा होता। पोस्टमार्टम हाउस पर बिलख रहे उसके परिजन दादरी पुलिस पर ऐसे ही आरोप लगाते नजर आए।
अस्पताल परिसर में मासूम दक्ष का शव देख कर बिलख रहे उसके पिता मुनेंद्र और अन्य परिजनों ने दादरी पुलिस पर आरोप लगाए। कहा कि, गत 31 मार्च को जब दक्ष लापता हुए तो उसकी काफी खोजबीन की थी। लेकिन परिजनों को उसका कहीं कोई सुराग नही लगा। जिसके बाद परिजनों ने दादरी थाने पर पहुंच कर उसकी गुमशुदगी की तहरीर दी, साथ ही अनहोनी की आशंका भी जताई थी। हालांकि, पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था। लेकिन दक्ष की तलाश के लिए स्थानीय पुलिस सिर्फ खानापूर्ति ही कर रही थी। जबकि परिजन इसकी तलाश में जुटे थे और पुलिस से भी गुहार लगा रहे थे। परिजनों ने कहा कि यदि पुलिस प्रकरण में थोड़ी सी भी चुस्ती फुर्ती दिखाती तो शायद दक्ष को बचाया जा सकता था। परिजन पुलिस की लापरवाही को दक्ष की मौत का जिम्मेदार मान रहे हैं।
सीसीटीवी पड़े हैं खराब
दादरी से पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे पुलिसकर्मियों ने बताया कि दक्ष प्रकरण में पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी। जहां से वह लापता हुए उस इलाके में लगे इक्का दुक्का सीसीटीवी भी खराब पड़े हुए थे। इसके अलावा विभिन्न पहलुओं पर भी जांच पड़ताल की जा रही थी।
न आया कोई फोन और ना ही मांगी कोई फिरौती
दक्ष की मौत के बाद बिलख रहे परिजनों ने बताया कि उनकी किसी से कोई रंजिश नही है। दक्ष की बरामदगी न होने पर उन्हें अनहोनी की आशंका थी। इस दौरान ना तो किसी ने उन्हें फ़ोन किया और ना ही किसी भी तरह से फिरौती मांगी गई।