बुलंदशहर। जनगणना के दूसरे चरण की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने कार्ययोजना पर काम तेज कर दिया है। जिले में करीब सात हजार प्रगणक और पर्यवेक्षक जनगणना का कार्य पूरा कराएंगे। दूसरे चरण की शुरुआत एक दिसंबर 2026 से होगी, जो चार जनवरी 2027 तक चलेगा। इससे पहले 16 से 30 नवंबर तक नागरिकों को स्व-गणना का अवसर दिया जाएगा। इसके तहत लोग स्वयं अपनी और परिवार के सदस्यों की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। दूसरे चरण में प्रगणक घर-घर पहुंचकर निर्धारित प्रपत्र के अनुसार परिवारों और सदस्यों से संबंधित जानकारी दर्ज करेंगे। इसके लिए प्रगणकों की तैनाती से लेकर प्रशिक्षण और गणना क्षेत्रों के निर्धारण तक की प्रक्रिया निर्धारित समय में पूरी करने की तैयारी है।
22 अक्टूबर से शुरू होगा प्रशिक्षण
जनगणना कार्य में लगाए जाने वाले प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण 22 अक्टूबर से 14 नवंबर तक कराया जाएगा। इससे पहले फील्ड ट्रेनरों को चार से 24 अक्टूबर तक प्रशिक्षण देने की योजना है। प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की नियुक्ति 15 अक्टूबर तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रशिक्षण के माध्यम से कर्मचारियों को गणना प्रक्रिया और निर्धारित प्रपत्रों में जानकारी दर्ज करने की जानकारी दी जाएगी।
स्मार्ट क्लासरूम में दी जाएगी ट्रेनिंग
प्रशिक्षण के लिए ऐसे संस्थानों का चयन किया जा रहा है, जहां स्मार्ट क्लासरूम की सुविधा उपलब्ध हो। जरूरत के अनुसार एक ही केंद्र पर एक से अधिक बैचों में प्रशिक्षण कराया जा सकेगा। प्रत्येक बैच के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो प्रशिक्षण की निगरानी करेंगे। प्रशिक्षण केंद्रों पर प्रोजेक्टर, एलईडी या टीवी स्क्रीन, माइक, जनरेटर और पावर बैकअप सहित अन्य जरूरी तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशिक्षण शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी करने की तैयारी है।
850 से अधिक आबादी पर बनेंगे सब-ईबी
जनगणना के कार्य को व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने के लिए 850 से अधिक आबादी वाले क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार सब-ईबी (सब-एन्यूमरेशन ब्लॉक) बनाए जाएंगे। इससे प्रगणकों के बीच गणना क्षेत्र का उचित बंटवारा किया जा सकेगा। साथ ही घर-घर जाकर जानकारी दर्ज करने का कार्य निर्धारित समय में पूरा कराने में मदद मिलेगी।
कोट -
जनगणना के दूसरे चरण के लिए तैयारी की जा रही है। एक दिसंबर से पांच जनवरी तक प्रगणक घर-घर जाकर मतगणना का कार्य करेंगे। जबकि 16 से 30 नवंबर तक का समय स्वगणना के लिए निर्धारित है। इससे पहले सभी कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। अभिषेक कुमार, एडीएम वित्त