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..तो पूरी तैयारी के साथ आई थी सीबीआई टीम

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पूरी तैयारी के साथ आई थी सीबीआई टीम
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बुलंदशहर। ये तो पुष्ट है कि बुधवार सुबह सात बजे सीबीआई की टीम डीएम आवास में दाखिल हुई थी। साथ ही अंदर दाखिल होने से पहले टीम ने अपना होम वर्क पूरा किया था। टीम को यहां तक जानकारी थी कि बीते चार दिन से डीएम घर पर अकेले हैं, उनकी पत्नी घर पर मौजूद नहीं हैं। वहीं, डीएम आवास के चारों ओर घूम कर आवास के सभी बाहरी द्वारों की जानकारी की गई थी।
सूत्रों की मानें तो टीम तड़के ही आवास के बाहर पहुंच चुकी थी। टीम ने पहले पूरे आवास के चारों ओर घूमकर बाहरी द्वारों की रेकी की थी। जिससे कि अंदर जाने से पहले यह जानकारी हो सके की डीएम आवास में कितने बाहरी द्वार हैं। जिनसे लोग अंदर आ और जा सकते हैं। वहीं, दूसरी ओर छह से सात सदस्यीय टीम में केवल पुरुष अधिकारी ही थे। कोई महिला अधिकारी इस दौरान नहीं थी। सूत्रों ने बताया कि टीम को पहले से ही जानकारी थी कि डीएम अभय सिंह अपने आवास पर अकेले हैं। बता दें कि डीएम की पत्नी माधवी सिंह बीते छह जुलाई को ही अपनी रिश्तेदारी में गईं थीं, छापे के दौरान तक वह वापस नहीं लौटी थीं। यही कारण माना जा रहा है कि सीबीआई अपने साथ किसी महिला अधिकारी को साथ लेकर नहीं आई थी। पुरुष अधिकारियों की टीम ने ही छापेमारी कर कार्रवाई को अंजाम दिया था। यहां तक बताया जा रहा है कि टीम को आवास के अंदर मौजूद अधिकतर कर्मचारियों के बारे में भी जानकारी थी। टीम ने अंदर पहुंचते ही सभी फोन आदि को सीज कर अपनी कार्रवाई शुरू की थी।
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दूसरे दिन भी चर्चाओं का बाजार रहा गरम
डीएम आवास पर बुधवार सीबीआई की छापे के बाद बृहस्पतिवार को भी चर्चाओं का बाजार गरम रहा। जनपद भर के विभिन्न प्रशासनिक दफ्तरों आदि में लोग सीबीआई द्वारा की गई कार्रवाई पर चर्चा करते नजर आए। हालांकि, कोई व्यक्ति इस संबंध में खुलकर बोलने को राजी नहीं है।
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आखिर कहां से आया पैसा, जांच में ही हो सकेगा खुलासा
डीएम आवास पर बुधवार को हुई सीबीआई की छापेमारी के राज परत दर परत खुलना अभी बाकी हैं। अब, सीबीआई के छापे के दौरान बरामद हुई इतनी रकम आवास में कहां से आई और दस्तावेजों में क्या छिपा था, यह भी अभी जांच के गर्त में छिपा है।
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बता दें कि बुधवार सुबह करीब सात बजे सीबीआई की टीम ने डीएम आवास पर छापेमारी की थी। करीब आठ घंटे तक डीएम के आवास में रही टीम दोपहर करीब तीन बजे नोटों से भरा बैग और दस्तावेजों की पोटली अपने साथ लेकर रवाना हो गई थी। पूरे प्रकरण में कुछ बातें अचंभित करने वाली हैं। आईएएस अभय सिंह ने छापे के चार घंटे बाद अपना बयान जारी किया था। जिसमें उन्होंने बताया था कि सीबीआई की टीम फतेहपुर तैनाती के दौरान हुए खनन पट्टों की जांच के लिए आई थी। साथ ही आईएएस अभय सिंह ने बताया था कि इस संबंध में टीम को उन्होंने जानकारी दी थी कि विवादित पट्टे उनके कार्यकाल में नहीं किए गए। यदि, टीम केवल फतेहपुर खनन पट्टों की जांच के लिए आई थी तो रुपयों की बरामदगी किस तरह से हुई। करीब 49 लाख रुपये की रकम बुलंदशहर डीएम के आवास में कैसे पहुंची? यदि आईएएस अभय सिंह के कार्य में इन रुपयों को लेकर सही इनपुट उपलब्ध नहीं कराया गया तो उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी? साथ ही जो दस्तावेज बरामद हुए हैं, उनमें क्या लिखित है या फिर वह दस्तावेज किन मामलों से संबंधित हैं। ऐसे बहुत से सवाल हैं जो कि सीबीआई छापेमारी के जवाब की तलाश में है। अधिकारी पूरे मामले में अभी भी चुप्पी साधे हुए हैं।
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