जहांगीराबाद। रिश्वत न देने पर फर्जी मामले में दिव्यांग को जेल भेजने वाले दरोगा सहित पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है। पीड़ित की बहन की अर्जी पर कोर्ट ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। पुलिस अधिकारी मामले में जांचकर कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
देहात कोतवाली क्षेत्र निवासी निसारा पत्नी लियाकत ने बताया कि सात जून की रात करीब एक बजे मानसिक रूप से परेशान उसके पिता ने डायल 112 पर फोन किया था। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। डायल 112 पर तैनात दरोगा संजीव कुमार, हेड कांस्टेबल जनेश्वर दयाल, कांस्टेबल अंकुश कुमार, कार चालक प्रवीण कुमार और होमगार्ड सोनू सिसौदिया ने घर में सो रहे उसके दिव्यांग भाई अफसर के साथ अभद्रता करते हुए जमकर मारपीट की थी। इसके बाद सभी आरोपियों ने अफसर को अपनी गाड़ी में डाल लिया और कोतवाली ले गए।
जब उसने पुलिसकर्मियों से अफसर को छोड़ने की गुहार लगाई तो आरोपियों ने 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। रुपये देने में असमर्थता जताने पर आरोपियों ने फर्जी मामले में अफसर को जेल भेज दिया। आरोप है कि मामले में एसएसपी को भी शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़िता ने कोर्ट की शरण ली थी। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
कोर्ट के आदेश पर पांचों पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसकी रिपोर्ट आला अधिकारियों को भेजी जाएगी। - आदित्य बंसल, प्रशिक्षु आईपीएस, कोतवाली प्रभारी, जहांगीराबाद