मालिनी अवस्थी के लोकगीतों पर खूब झूमे दर्शक
बुलंदशहर। कोरोना संक्रमण के कारण शनिवार रात रविंद्र नाट्यशाला में आयोजित हुई मालिनी अवस्थी नाइट में लोक गायिका को देखने दर्शकों की नाममात्र भीड़ पहुंची। इस दौरान मालिनी अवस्थी ने एक से बढ़कर लोकगीत प्रस्तुत किए, जिस पर दर्शक खूब झूमे। वहीं, सोमवार को मुशायरे का आयोजन होना है, जिसमें भीड़ उमड़ने की संभावना है।
विगत वर्ष कोरोना के चलते स्थगित हुए प्रसिद्ध लोकगीत और पार्श्व गायिका मालिनी अवस्थी नाइट का शनिवार रात आयोजन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ नगर मजिस्ट्रेट/ प्रमुख मंत्री जगदंबा सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद मालिनी अवस्थी ने ब्रज की छटा में रंगे गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। मालिनी अवस्थी ने यूं ही कोई मिल गया था, सारी रात चलते-चलते..., मोसे नैना मिलाएके...., आज में आजाद हुई..., पान खाये सैंया हमार.... जैसे गीत प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान मंच का संचालन गौरव किशोर ने किया। समिति के वरिष्ठ सदस्य मुकुल शर्मा ने बताया कि मालिनी अवस्थी दुनिया में पोलैंड, फिजी, मारीशस समेत अन्य देशों में प्रस्तुति दे चुकी हैं। मंच पर प्रस्तुति देने से पहले भी वे बुलंदशहर में कई कार्यक्रमों में आ चुकी हैं। साथ ही जिला प्रदर्शनी में भी प्रस्तुति दे चुकी हैं। इस दौरान समिति उपाध्यक्ष मो. मुकीम आजाद, प्रदर्शनी सहायक नीरज कंसल, ओम प्रकाश समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
डॉ. भीमराव अंबेडकर पर वक्ताओं ने रखे विचार
बुलंदशहर। जिला कृषि, औद्योगिक एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनी के तहत रविवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश के प्रसिद्ध चिंतक एवं विचारकों ने अपने विचार व्यक्त कर लोगों को डॉ. अंबेडकर के जीवन पर चलने के लिए प्रेरित किया। वहीं, चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
रविंद्र नाट्यशाला में आयोजित हुई विचार गोष्ठी का शुभारंभ संघदीप बौद्ध बिहार के भत्ते द्वारा बुद्ध वंदना कर किया गया। इसके बाद विचारकों द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन को जन मानस तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। विचारक डॉ. सतीश प्रकाश ने कहा कि बाबा साहब के विचारों की प्रासंगिकता वर्तमान समय में और भी अधिक प्रासंगिक हो गई है। डॉ. दिनेश ने कहा कि बाबा साहब सामाजिक परिवर्तन के साथ-साथ आर्थिक परिवर्तन के समर्थक थे। आरके गौतम ने कहा कि बाबा साहब सिर्फ दलितों के नहीं, बल्कि हर गरीब के मसीहा हैं। संयोजक डॉ. ओपी सिंह ने बताया कि डॉ. अंबेडकर ने अपने ज्ञान के दम पर दुनिया में अपनी पहचान बनाई। इस दौरान राजेंद्र अग्रवाल, अभिषेक गोयल, अधिवक्ता राजकुमार, कमल कुमार, सत्यपाल सिंह, विजय कुमार, कोशल किशोर और समिति के सदस्य मुकुल शर्मा आदि मौजूद रहे।