जिला पंचायत का कार्यकाल पूरा होने पर अटकी नई जिला योजना
बुलंदशहर। शासन के आदेश पर नए वित्तीय वर्ष 2021-22 की बनने वाली जिला योजना पूरी होती नजर नहीं आ रही है। इसका कारण यह है कि जिला पंचायत का कार्यकाल पूरा होने से योजना का कोरम अधूरा रह गया है। जिला पंचायत सदस्य भी जिला योजना में अपने प्रस्ताव देते हैं, लेकिन कार्यकाल पूरा होने के कारण इनके प्रस्ताव अधर में रह गए हैं। फिलहाल अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग ने सीडीओ के आदेश पर केवल विभागों से प्रस्ताव मांगे हैं।
जनपद का विकास कराने के लिए प्रत्येक वित्तीय वर्ष में जिला योजना बनाई जाती है। वित्तीय वर्ष 2020-21 भी मार्च माह में पूरा हो रहा है और अब नया वित्तीय वर्ष 2021-22 अप्रैल से शुरू हो जाएगा। शासन ने गत दिनों जिला प्रशासन को नए वित्तीय वर्ष की जिला योजना बनाने के लिए आदेश जारी कर दिया था। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि चालू वित्त वर्ष की जिला योजना 442 करोड़ की बनी थी और नई जिला योजना भी इतनी ही राशि की तैयार की जानी है। विभाग की ओर से जिला योजना को तैयार करने की तैयारी शुरू हो गई, लेकिन इसे तैयार होने से पहले इस पर ग्रहण लग गया है। जिला पंचायत का कार्यकाल पूरा होने के कारण योजना अधर में रह गई है। बताया गया कि जिला योजना में जिला पंचायत अध्यक्ष और सदस्यों के भी प्रस्ताव आते हैं, लेकिन अब कार्यकाल पूरा हो गया तो जिला योजना में इनका कोरम खाली रह गया है। ऐसे में अब जिला योजना बीच में अटक गई है। अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा केवल विभागों से प्रस्ताव लिए जा रहे हैं। पंचायत चुनावों के बाद जब जिला योजना का गठन होगा तो उसके बाद ही नई जिला योजना को लेकर कुछ कहा जा सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि अब जिला योजना पंचायत चुनाव के बाद ही बनेगी।
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जिला पंचायत का कार्यकाल पूरा होने के कारण तैयार होने वाली नई जिला योजना का कोरम अधूरा रह गया है। जिला योजना में शामिल सभी सरकारी विभागों से प्रस्ताव लिए जा रहे हैं। पंचायत चुनाव भी आ रहे हैं। ऐसे में जिला योजना तैयार होने में समय लगेगा। अभिषेक पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी