होमगार्ड जिला कमांडेंट पर भ्रष्टाचार के मामले में रिपोर्ट दर्ज
बुलंदशहर। जनपद में तैनात रहे जिला होमगार्ड कमांडेंट मुकेश कुमार की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बीते दिनों रिश्वत लेते हुए उनका वीडियो वायरल हो गया था, जिसके बाद उन्हें जनपद से हटाकर होमगार्ड डीजी कार्यालय अटैच किया गया था। अब डवीजन कमांडेट ने पत्र भेजकर मामले में आरोपी कमांडेंट के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
गौरतलब है कि जिले में होमगार्ड कमांडेंट रहे मुकेश कुमार शर्मा के खिलाफ अब भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कराया गया है। इससे पहले सोशल मीडिया पर रिश्वत लेते हुए उनका वीडियो वायरल होने के बाद उन्हे होमगार्ड डीजी कार्यालय में अटैच कर लिया गया था और हापुड़ के जिला होमगार्ड कमांडेंट को बुलंदशहर का अतिरिक्त चार्ज दे दिया था। अब डीजी होमगार्ड के कार्यालय से आए पत्र के अनुसार मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिला होमगार्ड कमांडेंट ने उस समय होमगार्ड की ही एक महिला अधिकारी पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अपने पति से सेटिंग करके यह वीडियो बनवाया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था। हालांकि बाद में मामले की जांच के लिए लखनऊ से एक टीम आई और इसके बाद जिला होमगार्ड कमांडेंट को लखनऊ हेड क्वार्टर आफिस में अटैच कर दिया था। एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि दो दिन पहले होमगार्ड कार्यालय लखनऊ से एक पत्र आया था। जिसमें जिला कमांडेंट के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश थे। शहर कोतवाली इंस्पेक्टर अरुणा राय ने बताया कि होमगार्ड विभाग लखनऊ के अधिकारी सुभाष कुमार की तरफ से पूर्व जिला होमगार्ड कमांडेंट मुकेश शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
ड्यूटी घोटाले में भी चल रही जांच
एसपी सिटी अतुल कुमार श्रीवास्तव की तरफ से करीब डेढ़ माह पूर्व होमगार्ड के प्लाटून कमांडर और कंपनी कमांडर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। इन पर आरोप है कि वह थानों और अन्य सरकारी कार्यालय में होमगार्ड की ड्यूटी कम संख्या में रखते हैं, जबकि मास्टर रोल में अधिक होमगार्ड की संख्या दिखाते हैं। शहर कोतवाली की जांच में पाया गया था कि रोजाना यहां पर आठ से 10 होमगार्ड ड्यूटी के लिए आते है और मास्टर रोल में ड्यूटी 15 से 20 की दिखाई जाती थी। बाकी होमगार्ड का पैसा बैंकों से सेटिंग करके खुद निकाल लिया करते थे। इस जांच में मुकेश शर्मा का नाम सामने आ रहा है। इस मामले की जांच सीओ सिटी राघवेंद्र मिश्र कर रहे हैं।