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पांच की मौत: वैष्णो देवी जाने के लिए पहले से शुरू कर दी थी खरीदारी, उत्तम की मेहनत को पूरे गांव ने किया सलाम

Sun, 10 May 2026 03:12 PM IST
Sharukh Khan आबाद नकवी, संवाद न्यूज एजेंसी, बुलंदशहर

सार

बुलंदशहर में नेशनल हाईवे 34 पर शुक्रवार शाम बहुत ही दर्दनाक हादसा हो गया। एक ही बाइक पर सवार पति-पत्नी और उनके तीन बच्चों की मौत हो गई। ये सभी लोग एक ही बाइक पर सवार थे और खुर्जा से अपने गांव धमेड़ा कीरत लौट रहे थे। बाइक पर परिवार के पांच सदस्यों के अलावा बैग भी थे। इनकी बाइक को एक तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। टक्कर के बाद पांचों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। परिवार में अब एक दो साल का मासूम बचा है।
 
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मृतक दंपती और बच्चों की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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बुलंदशहर में उत्तम सिंह और उनके परिवार की सड़क हादसे में एक साथ मौत को लेकर गांव के लोग बहुत दुखी हैं। सभी लोग उत्तम की मेहनत और व्यवहार की भी तारीफ कर रहे थे। एक कमरे के कच्चे घर को अपनी मेहनत के बल पर उत्तम ने शानदार मकान में तब्दील कर दिया था। पीड़ित परिवार के गम में शामिल लोग उत्तम की लगन को सलाम कर रहे थे।
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ग्रामीणों ने बताया कि उत्तम सिंह बहुत ही साधारण परिवार से आते थे। चार भाई, तीन बहनों में वह सबसे छोटे थे। चारों भाइयों के पास केवल छह बीघा जमीन है। बड़े भाई पहलू परिवार के साथ लखनऊ में रहते हैं और सब्जी की दुकान करते हैं। 

बसंत परिवार के साथ फरीदाबाद में नौकरी करते हैं। छोटे भाई पहलू गांव में ही ई-रिक्शा चलाते हैं। ग्रामीण सुरेश, जितेंद्र, अनिल आदि ने बताया कि उत्तम सिंह बचपन से ही मेहनती और लगनशील थे। उन्होंने अखबार डालने से लेकर दो हजार रुपये महीने की नौकरी की।
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आज उन्होंने अपनी मेहनत के बल पर गांव में शानदार मकान बना लिया था। उनके पास हर सुख सुविधा उपलब्ध थी। पड़ोसियों ने बताया कि वह बहुत व्यवहार कुशल थे। उत्तम सिंह के व्यवहार की तारीफ पूरे गांव में होती थी। 

 

बच्चों को पढ़ा लिखाकर बनाना चाहते थे कामयाब
ग्रामीणों ने बताया कि उत्तम ने अपनी मेहनत के बल पर खूब तरक्की की थी। छह महीने पहले ही उन्होंने शहर में भी मकान बना लिया था। वह अपने बच्चों को पढ़ा लिखाकर एक कामयाब इंसान बनाना चाहते थे। जिसके लिए वह शहर में शिफ्ट होने की योजना बना रहे थे।

 

वैष्णो देवी जाने के लिए पहले से शुरू कर दी थी खरीदारी
वहीं, परिवार के लोगों ने बताया कि वैष्णो देवी दर्शन के लिए जाने को लेकर उत्तम सिंह काफी उत्साहित थे। उन्होंने तैयारियों को लेकर कई दिन पहले ही खरीदारी शुरू कर दी थी। पत्नी को एक दिन पहले ही जूते दिलाकर लाए थे। वहीं, बच्चों को भी नए कपड़े दिलाकर लाए थे। 
 

सर्विस को देकर गए थे अपनी बाइक, दूसरे की ले गए थे मांगकर 
वैष्णो देवी के दर्शन को जाते समय उत्तम सिंह अपनी बाइक को बुलंदशहर में एक एजेंसी पर सर्विस के लिए देकर गए थे। वहां से उन्होंने एजेंसी पर कार्य करने वाले मैकेनिक की बाइक को लिया था। जिसे उन्होंने खुर्जा में अपनी साली के यहां खड़ा किया था। 

 

दर्शन कर लौटने के बाद वह उसी बाइक से वापस लौट रहे थे। हादसे के बाद पुलिस ने बाइक नंबर के आधार पर सबसे पहले मैकेनिक को ही सूचना दी थी। जिसके बाद मैकेनिक उत्तम सिंह के परिवार के लोगों को सूचना दी। 

जनप्रतिनिधि और नेता भी पहुंचे
एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत की खबर सुनकर जनप्रतिनिधि और नेता भी पहुंचे। सदर विधायक प्रदीप चौधरी पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे। गांव धमैड़ा कीरत में सिकंदराबाद विधायक लक्ष्मीराज, वासु चौधरी, रालोद नेता कुंवरवीर चौधरी, भाजपा नेता व पूर्व जिला पंचायत सदस्य धर्मेंद्र चौधरी ने परिवार को सांत्वना दी। 

 

साथियों के जाने पर मासूम भी दिखे उदास
सड़क हादसे में माता-पिता के साथ निशांत, दिशा, नायरा की मौत पर उनके साथ खेलने वाले मोहल्ले के बच्चे भी मायूस दिखे। मोहल्ला निवासी आकाश, अंश, कृष्णा ने बताया कि वह तीनों बहन भाई अपना ज्यादा समय पढ़ाई में देते थे। कुछ समय के लिए ही खेलने के लिए आते थे। वह उनके साथ खेला करते थे। उनके इस तरह चले जाने से वह दुखी हैं। अंतिम यात्रा में बड़ों के अलावा बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल रहे और श्मशान तक पहुंचकर अपने साथियों को अंतिम विदाई दी। 

धमैड़ा कीरत व सूजापुर गांव के घरों में नहीं जले चूल्हे, दुकानें भी रहीं बंद
सड़क हादसे में जान गंवाने वाले उत्तम सिंह के गांव धमैड़ा कीरत में ही नहीं, बल्कि सूजापुर गांव में भी लोगों के घरों में चूल्हे नहीं जले। गांव के सभी लोग पीड़ित परिवार के दुख में शामिल रहे और दुकानें बंद रहीं। धमैड़ा से सटा हुआ गांव सूजापुर है।

 

दोनों गांव के लोगों को गमी, खुशी में एक दूसरे के यहां आना जाना है। दोनों गांवों के लोगों के एक दूसरे से परिवार की तरह संबंध हैं। एक गांव की खुशियों में दूसरे गांव के लोग शामिल होते हैं। वहीं, गम में शामिल होकर दुख को बांटते हैं। जिसके चलते दंपती और उनके तीन बच्चों की एक साथ मौत हो जाने की दुख की इस घड़ी में गांव सूजापुर के लोग भी धमैड़ा कीरत के गांव के लोगों के साथ खड़े नजर आए।

 

घटना के बाद से गांव सूजापुर के अधिकांश लोग धमैड़ा कीरत में मौजूद हैं। गांव के बुजुर्ग श्रीपाल, खेमचंद आदि ने बताया कि इस जीवन में इस तरह की यह पहली घटना है। पहली बार गांव से एक साथ पांच अर्थियां उठी हैं। इतना ही नहीं इन गांव की दुकानें भी नहीं खुलीं। ततारपुर गांव में भी लोगों ने दुकानों को बंद रखा।

स्कूलों में नहीं पहुंचे बच्चे
हादसे में पांच लोगों की एक साथ मौत होने की घटना को लेकर गांव में घटना के बाद से ही मातम छाया हुआ है। घटना के एक दिन बाद भी लोगों को घटना के समय जैसा ही गम दिखाई दिया। शनिवार को गांव में स्कूल तो खुले, लेकिन अधिकांश बच्चे स्कूल ही नहीं गए। धमैड़ा कीरत प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका प्रियंका ने बताया कि शनिवार को विद्यालय में बच्चों की उपस्थित बहुत कम रही।

 

उर्मिला के पीहर औरंगाबाद चांदौक में भी पसरा है सन्नाटा
सड़क हादसे में उत्तम सिंह, उनकी पत्नी उर्मिला और तीनों बच्चों की एक साथ मौत को लेकर उर्मिला के मायके औरंगाबाद चांदौक में भी सन्नाटा पसरा हुआ है। उर्मिला के चाचा विनोद ने बताया कि उर्मिला बचपन से ही बहुत व्यवहार कुशल थी। वह गांव के बुजुर्गों का सम्मान करती थीं और सभी के साथ प्यार से पेश आती थी। जब भी मायके में आती थी, तो गांव के बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर जाती थी। 

 

वह अपने व्यवहार के कारण वह घर में भी सबको प्यारी थी। इस दुखद घटना को लेकर जहां परिवार के साथ ही गांव में भी मातम छाया हुआ है। गांव के अधिकांश लोग परिवार की अंतिम यात्रा में शामिल होकर उसे अंतिम विदाई देने के लिए गए हुए हैं। 

एक ही बाइक पर थे माता-पिता व तीन बच्चे, हादसे में पांचों की मौत
बुलंदशहर में नेशनल हाईवे 34 पर शुक्रवार शाम बहुत ही दर्दनाक हादसा हो गया। एक ही बाइक पर सवार पति-पत्नी और उनके तीन बच्चों की मौत हो गई। ये सभी लोग एक ही बाइक पर सवार थे और खुर्जा से अपने गांव धमेड़ा कीरत लौट रहे थे। बाइक पर परिवार के पांच सदस्यों के अलावा बैग भी थे। इनकी बाइक को एक तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। टक्कर के बाद पांचों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। परिवार में अब एक दो साल का मासूम बचा है।

 

अगौता थाना क्षेत्र के गांव धमेड़ा कीरत निवासी ठाकुर उत्तम सिंह (40 वर्ष) उनकी पत्नी उर्मिला (36 वर्ष) बेटे निशांत (10 वर्ष), बेटी दिशा (8 वर्ष) के साथ मंगलवार को वैष्णो देवी दर्शन के लिए गए थे। वे अपनी पांच वर्षीय बेटी नायरा को जाते समय वह खुर्जा में साली के घर पर छोड़ गए थे। जाते समय उन्होंने अपनी बाइक साली के घर पर ही छोड़ दी थी। 

 

शुक्रवार को परिवार दर्शन करके ट्रेन से खुर्जा लौटा था। खुर्जा स्टेशन से उत्तम परिवार के साथ अपनी साली के घर पहुंचे। यहां से उन्होंने बाइक ली और पांच वर्षीय बेटी को भी साथ लिया। दंपती ने बाइक पर दोनों बच्चों को बीच में बैठा लिया। छोटी बेटी नायरा को आगे टंकी पर बैठाया। 

 

दंपती, बच्चों के अलावा बाइक पर दोनों ओर भारी बैग बंधे हुए थे। एक बैग बाइक के हैंडल पर रखा था। जब परिवार नेशनल हाईवे-34 पर खेतलपुर भांसौली कट के पास पहुंचा, तभी तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को साइड से जोरदार टक्कर मार दी। बाइक अनियंत्रित होने से दंपती और तीनों बच्चे सड़क पर जा गिरे।

 

बाइक की रफ्तार तेज होने के कारण सभी लोगों के सिर में गंभीर चोट आई। प्रत्यक्षदर्शी शाह फैज ने बताया कि हादसे के करीब पांच मिनट के अंदर वह मौके पर पहुंच गए थे। सभी लोगों के सिर से खून बह रहा था। दंपती, निशांत और दिशा के शरीर में कोई हरकत नहीं थी। छोटी बच्ची के शरीर में हरकत दिखाई तो उन्होंने उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए गोद में उठाया। 

 

गोद में उठाते ही उसकी भी गर्दन लटक गई। मौके पर भीड़ जमा हो गई। घटना को अंजाम देकर चालक ट्रक को लेकर भाग गया। इस भयावह घटना को देखकर लोग होशोहवास खो बैठे। किस को ट्रक का पीछा करने की सुधि नहीं रही। लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस सभी लोगों को अस्पताल लेकर पहुंची, यहां चिकित्सकों ने पांचों लोगों को मृत घोषित कर दिया। 

 

फॉरेंसिक टीम ने मौक पर पहुंचकर घटना से संबंधित साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने बताया कि मृतकों में किसी ने भी हेलमेट नहीं लगाया हुआ था। वैष्णों देवी के दर्शन करने जाते समय उत्तम अपना दो साल के बेटे रियांश उर्फ कृष्णा को अपने माता-पिता के पास छोड़ गये थे। उस मासूम को अभी यह भी बोध नहीं है कि उसने इतनी कम उम्र में ही माता-पिता और सभी भाई-बहनों को खो दिया है।

 
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फाइनेंस का काम करते थे उत्तम
ग्रामीणों ने बताया कि उत्तम गांव में ही निजी फाइनेंस कंपनी चलाते थे। वह काफी मिलनसार थे और प्रतिदिन आसपास के लोगों के साथ बैठकर हंसी मजाक करते थे। लोगों ने बताया कि उनके व्यवहार के सभी कायल थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि ऐसा हो जाएगा। उधर, ट्रक नंबर की जांच की गई तो पता चला कि उसका मालिक विदेश में रहता है। पुलिस ट्रक चालक की तलाश कर रही है।
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