नौकरी लगवाने के नाम पर एक लाख ठगे
खुर्जा। नगर स्थित जटिया अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मी पर नौकरी लगवाने के नाम पर एक लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने बुलंदशहर कोतवाली में आरोपी स्वास्थ्यकर्मी और उसके एक दोस्त के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। वहीं, अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस मामले में स्वास्थ्य विभाग को आरोपी स्वास्थ्यकर्मी के खिलाफ शिकायत की गई है।
नगर के मोहल्ला कैलाशपुरी निवासी ललित कुमार ने बताया कि वह स्नातक की पढ़ाई करके नौकरी की तलाश कर रहा था। तभी उसने अपने दोस्त आवास विकास प्रथम कॉलोनी निवासी शुभम चौधरी से मुलाकात की। शुभम ने उसको बताया कि खुर्जा के सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मी के पद पर नौकरी लग जाएगी, लेकिन इसके लिए 1,05,000 रुपये देने होंगे। शुुभम का कहना था कि अस्पताल में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मी अनुज कुमार उसका परीचित है, जो रुपये लेगा और नौकरी लगवा देगा। वह भी अपनी नौकरी इसी तरह लगवा रहा है। शुभम ने ललित की मुलाकात अनुज से करवाई। इसके बाद फरवरी 2022 में ललित ने ब्याज पर रुपये लेकर अनुज को एक लाख पांच हजार रुपये दे दिए।
इसमें अनुज ने जल्दी नौकरी लगने का आश्वासन दिया। ललित के पास ब्याज की रकम वापस करने के दबाव बनने लगा। इसके बाद अप्रैल माह में ललित ने नौकरी के लिए अनुज से संपर्क किया तो उसने अभी थोड़े दिन बाद अस्पताल में अधिकारियों से मिलवाने के लिए कहा। 15 दिन बीत जाने के बाद ललित को ठगी का एहसास हुआ और उसने अनुज से अपने रुपये वापस मांगे, लेकिन अनुज ने उसका फोन उठाना भी बंद कर दिया। 27 जुलाई को ललित अस्पताल पहुंच गया और रुपयों की मांग की। इसमें अनुज ने रुपये वापस देने से इंकार कर दिया और उसको हत्या की धमकी दी। इससे परेशान होकर ललित ने बुलंदशहर नगर कोतवाली में लिखित शिकायत दी और कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामले में तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
नगर पालिका कर्मचारियों पर भी आरोप
वहीं, खुर्जा नगर पालिका में सफाई कर्मचारी और संविदा पर नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये एंठने का मामला सामने आया है। इसमें किला गांव निवासी युवक ने कार्यरत संविदा कर्मी पर आरोप लगाया है। हालांकि, इस संबंध अभी तक पालिका कार्यालय और थाने में कोई शिकायत नहीं दी गई है।
आरोपी अनुज अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मी के पद पर कार्यरत था। यह निजी कंपनी द्वारा रखे जाते हैं। आरोपी के द्वारा रुपये लेन-देन की जानकारी मिलने पर कंपनी और स्वास्थ्य विभाग को अनुज के खिलाफ शिकायत दी गई है।
- डॉ. अजीत बावा, सीएमएस