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रक्षाबंधन से पूर्व बसें खचाखच, छत पर बैठकर किया सफर

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शिकारपुर बाई पास रोड पर बस की छत पर बैठकर सफर करते यात्री।प्त3ष्ठ; - फोटो : BULANDSHAHR
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रक्षाबंधन से पूर्व बसें खचाखच, छत पर बैठकर किया सफर
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बुलंदशहर। रक्षाबंधन का त्योहार मनाने के लिए बहन और भाइयों को जोखिम भरा सफर करना पड़ा रहा है। बुधवार सुबह से ही रोडवेज से लेकर प्राइवेट बसें तक खचाखच भरी रहीं। जान जोखिम में डालकर छतों पर चढ़कर मुसाफिरों सफर किया। कई स्थानों पर बसें नहीं मिलने पर डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ा। उप्र परिवहन निगम ने यात्रियों की सुविधा के लिए 30 अतिरिक्त बसों का संचालन करने और बसों के फेरे बढ़ाने का दावा किया था। पहले ही दिन व्यवस्था धराशायी हो गई। रोडवेज बस स्टैंड से लेकर सड़कों और चौराहों में यात्रियों की भीड़ रही। बस नहीं मिलने से अफरातफरी देखी गई।
स्याना बस अड्डा : बुलंदशहर से स्याना-गढ़ मार्ग पर बुलंदशहर डिपो की दो और अन्य डिपो की पांच से अधिक बसों का संचालन होता है। बुधवार को स्याना-गढ़ मार्ग पर बस की छत पर बैठकर और जाल व खिड़की पर लटककर यात्रियों को सफर करते देखा गया। यह सफर जोखिम भरा था, लेकिन बस चालक और परिचालक के अलावा किसी ने भी यात्रियों को रोकना जरूरी नहीं समझा।
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भूड़ चौराहा : शहर में दिल्ली की ओर से प्रवेश के लिए भूड़ चौराहे पर अक्सर यात्रियों की भीड़ लगी रहती है। बुधवार को भी काफी संख्या में यात्री चौराहे पर खड़े नजर आए। रोडवेज बसों के पीछे से ही फुल आने और चौराहे पर न रुकने पर यात्रियों को निजी बसों और डग्गामार वाहनों में सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ा। निजी बसों में यात्रियों को छत पर बैठाकर और खिड़की पर खड़े कर सफर कराया गया।
शिकारपुर बाईपास : जिले से काफी संख्या में यात्री शिकारपुर-बदायूं के लिए सफर करते हैं। त्योहार से पूर्व भी यात्रियों के लिए निजी बस और डग्गामार वाहन ही सहारा बन रहे थे। त्योहार पर लोगों को उम्मीद थी कि उप्र परिवहन निगम की बसें बढ़ने से राहत मिलेगी लेकिन ऐसा नहीं हो सका। बुधवार को रोडवेज बस न मिलने पर निजी बसों की छत पर और डग्गामार वाहनों में लटककर यात्रा करनी पड़ी।
एआरएम परमानंद ने बताया कि डिपो की सर्वाधिक बसों को दिल्ली रूट पर लगाया गया है। बसों को आने पर तत्काल रवाना किया जा रहा है। रोडवेज की बसों की छत पर किसी को भी सफर नहीं करने दिया जाएगा। जिस रूट पर रोडवेज की सेवा नहीं है वहां पर संचालन के लिए योजना बनाई जाएगी।
एआरटीओ प्रवर्तन राजीव बंसल ने बताया कि डग्गामार वाहनों पर समय-समय पर कार्रवाई की जा रही है। त्योहार पर भी डग्गामार वाहनों और क्षमता से अधिक यात्रियों को सफर कराने वाले वाहनों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
ट्रेनों में 100 से 150 तक पहुंच रही वेटिंग लिस्ट
रक्षाबंधन के त्योहार पर ट्रेनें फुल चल रही हैं। अधिकांश ट्रेनों की वेटिंग सौ से ऊपर है। कुछ ट्रेनों में वेटिंग अधिक होने के कारण टिकट मिलना भी बंद हो गया है। बुलंदशहर स्टेशन से प्रतिदिन प्रयागराज से मेरठ संगम एक्सप्रेस और सप्ताह में चार दिन प्रयागराज से जम्मू तवी एक्सप्रेस अप-डाउन संचालित होती है। चोला रेलवे स्टेशन और खुर्जा जंक्शन स्टेशन से काफी ट्रेनें संचालित होती हैं। सभी ट्रेनों में 10 से 14 अगस्त तक लंबी वेटिंग है। कुछ ट्रेनों में रिग्रेट है। बुलंदशहर रेलवे स्टेशन अधीक्षक भूपेंद्र कुमार ने बताया कि प्रतिदिन यात्री आरक्षण कराने के लिए आ रहे हैं। तत्काल में भी वेटिंग मिल रही है। रक्षाबंधन त्योहार के चलते अधिकांश ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है।
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निशुल्क सफर से वंचित रह सकती हैं गांव की बहनें
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में रोडवेज बसों के अभाव में महिलाओं को रक्षाबंधन पर निशुल्क यात्रा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिले के कई रूटों पर एक-दो बसों का संचालन होता है। स्याना, अनूपशहर, जहांगीराबाद, खानपुर और ककोड़ मार्ग की महिलाएं व बहनें निशुल्क यात्रा से वंचित रह जाएंगी। डग्गामार वाहनों में ही सफर करना पड़ेगा।
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