लोक अदालत: परिवार न्यायालय में जुड़े तीन परिवार, जुर्माने से निपटे मोटर वाद
बुलंदशहर। जिला न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान पारिवारिक विवादों को दूर कर परिवार न्यायालय में तीन दंपतियों के बीच समझौता कराया गया। इसके बाद अधिकारियों ने उन्हें साथ में घर भेजा। इस दौरान वह लोग भी खुश नजर आए, और जीवन भर साथ रहने की बात कही। इसके अलावा लोक अदालत में बैंको और मोटर अधिनियम के मामले भी सुलह समझौते के आधार पर जुर्माना कर निपटाए गए। जबकि, पारिवारिक जमीनी विवाद भी सुलझाए गए।
चार माह बाद समझौता होकर पति के साथ गई ज्योति
नगर के मोहल्ला कृष्णा नगर निवासी ज्योति का अपने पति के नशे की आदत और आए दिन मारपीट को लेकर विवाद चल रहा था। ज्योति ने नवंबर माह में जिला विधि सेवा प्राधिकरण में एक शिकायती पत्र दिया था। जिसमें उसने बताया था कि उसके तीन मासूम बच्चे हैं। उसका पति नशे का आदि है और आए दिन उसके साथ मारपीट करता है। साथ ही आरोपी ने चार माह पूर्व उसे मारपीट कर घर से भी निकाल दिया था। पीड़िता ने प्राधिकरण से मामले को बातचीत के आधार पर निपटाने की की मांग की थी। पीड़िता ने कहा था कि वह अपने बच्चों की खातिर पति को एक बार सुधरने का मौका देना चाहती है। इसी के तहत शनिवार को लोक अदालत के दौरान अपर परिवार न्यायालय द्वितीय सोनिका चौधरी और जिला विकास प्राधिकरण बुलंदशहर के मध्यस्थ रामदास शर्मा एवं काउंसलर निशा शर्मा ने दोनों पक्षकारों का समझौता कराया। साथ ही उन्हें साथ में घर भेजा।
तीन साल बाद पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ समाप्त
स्याना थाना क्षेत्र के गांव लौंगा निवासी नरेश कुमार ने करीब तीन वर्ष पूर्व अपनी पत्नी प्रभा से तलाक के लिए परिवार न्यायालय में वाद दायर किया था। जबकि, उसकी पत्नी ने अपने पति पर भरण पोषण के लिए वाद दायर किया था। वहीं, अब अपर परिवार न्यायालय तृतीय श्वेता वर्मा के न्यायालय में जिला विधिक प्राधिकरण की मध्यस्थ अनुपमा रघुवंशी और काउंसलर महेंद्र सिंह ने लोक अदालत में दोनों पक्षकारों के बीच मध्यस्थता कराकर समझौता कराया। साथ ही इस दौरान दोनों पति-पत्नी काफी खुश नजर आए। भविष्य में साथ रहने की बात कही।
तीन वर्ष बाद निपटा परिवार का जमीनी विवाद
नगर कोतवाली के मोहल्ला शीतलगंज निवासी अतुल गोयल का करीब तीन वर्ष से अपनी मां राजरानी, विधवा भाभी नेहा गोयल और बहनें ललिता गुप्ता, रीतू मित्तल, ममता अग्रवाल, अनीता अग्रवाल और शिल्पी गोयल से सिविल जज सीनियर डिवीजन के न्यायालय में जमीन बंटवाने का मामला विचाराधीन था। वादी अतुल गोयल के अधिवक्ता साबिर मंसूरी ने बताया कि मामले में शनिवार को लोक अदालत के दौरान परिवार के सभी सदस्यों ने आपसी सुलह कर जमीनी बंटवारा कर समझौता किया।