सतेंद्र हत्याकांड : सुशील उर्फ घोड़ा को आजीवन कारावास
बुलंदशहर। सलेमपुर थाना क्षेत्र के गांव भैंसरोली नासिरपुर निवासी किसान सतेंद्र सिंह की हत्या में गांव निवासी सुशील उर्फ घोड़ा को भी अपर सत्र न्यायाधीश पंचम नीलम ढाका की अदालत ने दोषी करार दिया है। अदालत ने अभियुक्त को आजीवन कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदंड सुनाया है।
एडीजीसी चंद्रभान सिंह ने बताया कि भैंसरोली नासिरपुर निवासी रिषिपाल सिंह ने आठ फरवरी 2015 को सलेमपुर थाने में अपने भाई सतेंद्र की हत्या का मामला दर्ज कराया था। उन्होंने बताया था कि उनका भाई सतेंद्र व पुत्र सात फरवरी को गन्ना डालने के लिए साबितगढ़ मिल गए हुए थे। यहां से वह रात करीब दस बजे ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर लौट रहे थे। गांव किरयावली के निकट अज्ञात आरोपियों ने उनके भाई को गोली मार दी और भाग गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सतेंद्र को घायलावस्था में खुर्जा स्थित अस्पताल पहुंचाया था। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। जांच के दौरान अमन और सुशील उर्फ घोड़ा निवासी गांव भैंसरोली का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने जांच के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी थी।
यह गवाह हुए पेश
अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में सात गवाह पेश किए गए। इनमें वादी रिषीपाल सिंह, अमित कुमार, चिकित्सक विनोद कुमार, उपनिरीक्षक जुगेंद्र सिंह, कांस्टेबल आदेश कुमार, निरीक्षक गुलजार अहमद, कांस्टेबल आदेश कुमार, एचसीपी राजवीर सिंह की गवाही कराई गई। इसके आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया है।
13 दिसंबर को हुई थी अमन को सजा
मामले में एक अभियुक्त अमन निवासी गांव सैदपुरा थाना औरंगाबाद को अपर सत्र न्यायाधीश पंचम नीलम ढाका के न्यायालय ने गत 13 दिसंबर को दोषी करार दिया था। साथ ही उसे भी हत्या और अवैध असलाह रखने के मामले में आजीवन कारावास व 25 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया था।