एसपी सिटी करेंगे इंस्पेक्टर की फर्जी दबिश की जांच
बुलंदशहर। नगर कोतवाली में दर्ज 6.60 लाख रुपये के फर्जीवाड़े के मामले में अलीगढ़ में दबिश देने गए नगर कोतवाली में तैनात इंस्पेक्टर अजय कुमार पर विभागीय कार्रवाई की तलवार लटक गई है। एएसपी की प्राथमिक जांच में दोषी पाए जाने पर इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है। अब इंस्पेक्टर की विभागीय जांच की जिम्मेदारी एसपी सिटी सुरेंद्र नाथ तिवारी को सौंपी गई है।
कोतवाली में दर्ज 6.60 लाख रुपये के फर्जीवाड़े के मामले में इंस्पेक्टर अमित कुमार बिना उच्चाधिकारियों को सूचित किए अलीगढ़ जिले के हरदुआगंज थाना क्षेत्र में एक व्यापारी के प्रतिष्ठान पर दबिश देने पहुंच गए थे। इंस्पेक्टर अपने साथ दो शिकायतकर्ताओं समेत कुल आठ लोगों को लेकर गए थे। अलीगढ़ जाने के लिए जिस वाहन का प्रयोग किया गया था, वह भी शिकायतकर्ता का बताया जा रहा है। साथ ही दूसरे जनपद में दबिश से पहले उच्चाधिकारियों से अनुमति ली जाती है और संबंधित जनपद में पहुंचकर वहां के स्थानीय थाने में आमद कराकर फोर्स को साथ लिया जाता है। इंस्पेक्टर अजय कुमार ने इनमें से किसी भी नियम का पालन नहीं किया।
यह था मामला
तीन माह पूर्व नगर कोतवाली में राजीव शर्मा नामक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें उद्योगपति अभिषेक तिवारी के खिलाफ 6.5 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा करने का आरोप था। धनराशि देने के लिए आरोपी द्वारा दिया गया चेक भी बाउंस होने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
इनके खिलाफ अलीगढ़ में दर्ज हुई है एफआईआर
पीड़ित व्यापारी अभिषेक तिवारी ने अलीगढ़ जिले के हरदुआगंज थाने में इंस्पेक्टर अजय कुमार के साथ राजीव शर्मा, अमित अरोड़ा समेत आठ लोगों ने अपहरण करते हुए मारपीट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
गिरफ्तारी का नहीं है प्रावधान
एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि सात वर्ष से कम सजा वाले मामलों में गिरफ्तारी का प्रावधान नहीं है। इंस्पेक्टर को नियमानुसार धारा 41 के तहत नोटिस जारी करना चाहिए था। इंस्पेक्टर ने ऐसा न करके नियम तोड़ा है। इंस्पेक्टर को निलंबित करते हुए विभागीय जांच के लिए एसपी सिटी को निर्देशित किया गया है।