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मतगणना के दिन या बाद में जुलूस निकालने पर रहेगा प्रतिबंध

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मतगणना के दिन या बाद में जुलूस निकालने पर रहेगा प्रतिबंध
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बुलंदशहर। कोविड महामारी के चलते त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के विजेता प्रत्याशी अपनी जीत का जश्न नहीं मना पाएंगे। कोविड गाइडलाइन के कारण इस बार प्रत्याशियों और उनके समर्थक जुलूस आदि नहीं निकाल पाएंगे। यदि कोई प्रत्याशी या उनके समर्थक गाइडलाइन का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
29 अप्रैल को होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मतदान के बाद प्रत्याशियों के भविष्य का पिटारा दो मई को खुलेगा। इस दौरान सिकंदराबाद को छोड़कर सभी ब्लॉक परिसर में मतगणना की जाएगी। जबकि जिला पंचायत सदस्यों की मतगणना कलक्ट्रेट परिसर में की जाएगी। इस दौरान मतगणना स्थल पर प्रत्याशियों के साथ केवल दो या तीन व्यक्तियों को आने की अनुमति होगी। इसके अलावा यदि उनका कोई समर्थक मौके पर पहुंचता है तो कोविड महामारी की गाइडलाइन का उल्लंघन करने के मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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प्रमाण पत्र लेने भी जा सकेंगे केेवल दो लोग
चुनाव आयोग के निर्देशानुसार मतगणना के लिए आने के दौरान व जीत के बाद किसी भी हाल में प्रत्याशियों के समर्थक मौके पर नहीं पहुंचेंगे। विजेता प्रत्याशी केवल एक अन्य व्यक्ति को साथ लेकर जीत का प्रमाण पत्र लेने जाएंगे।
कोट
कोविड गाइडलाइन के तहत केवल दो लोग ही मतगणना में शामिल होंगे। जबकि विजेता को शपथ पत्र लेने के लिए भी दो लोगों को जाने की अनुमति होगी। किसी भी तरह के विजयी जुलूस पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी। - रवींद्र कुमार, एडीएम प्रशासन/उप जिला निर्वाचन अधिकारी
वोटरों को लुभाने के लिए प्रत्याशियों ने हर किया हरसंभव प्रयास
- सुबह छह बजे से ही संबंधित गांवों में पहुंचकर मांग रहे हैं वोट
- अंतिम दिन क्षेत्र के विकास के लिए मतदाताओं से कर रहे दावे
संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए चुनाव प्रचार का समय मंगलवार शाम पांच बजे समाप्त हो गया। स्थिति यह रही कि अंतिम दिन प्रत्याशियों ने तड़के से ही घर-घर, गांव-गांव जाकर अपने लिए वोट मांगे। इस दौरान प्रत्याशियों ने लोगों से गिले-शिकवे दूर करने का भी प्रयास किया।
29 अप्रैल को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए वोट डाले जाने हैं। जिसके चलते मंगलवार को चुनाव प्रचार का आखिरी दिन था। चुनाव आयोग के निर्देश पर शाम पांच बजते ही चुनाव प्रचार को रोक दिया गया। ग्राम प्रधान, बीडीसी और ग्राम पंचायत सदस्यों के लिए प्रचार का क्षेत्र अधिक नहीं होता है, लेकिन जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशियों के लिए क्षेत्र काफी बड़ा होता है। एक वार्ड के अंतर्गत कहीं 25 तो कहीं पर 20 गांव भी आ रहे हैं। प्रत्याशियों ने पिछले एक माह में इन सभी गांवों में भ्रमण किया था, लेकिन अब मंगलवार और बुधवार को अधिकतर प्रत्याशियों ने दो दिन में ही अपने वार्ड के सभी गांवों में घूमकर मतदाताओं से वोट की अपील की है।
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अंतिम प्रचार में दावों की बहार
चुनाव प्रचार के आखिरी समय में प्रत्याशियों ने ग्रामीणों से क्षेत्र में विकास, ग्रामीणों के सुख दुख में शामिल रहने की बहार लगाई हुई है। प्रत्येक प्रत्याशी अपने को ग्रामीणों का हितैषी दर्शाते हुए उन्हें वोट देने के लिए सहमति दे रहा है। हालांकि दो मई के परिणाम में ही पता चल सकेगा कि किस प्रत्याशी के दावों पर ग्रामीणों ने भरोसा जताया है।
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