नगर निकायों की रैंकिंग की कवायद केंद्र सरकार द्वारा प्रतिवर्ष स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत की जाती है। जिसके लिए निकायों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। वहीं, नगर पालिका द्वारा रखरखाव के अभाव में एक साल में ही अधिकांश संसाधन गायब हो चुके हैं। जनवरी 2020 में पालिका द्वारा लगाए गए बड़े कंटेनर जहां गलने के साथ क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वहीं, जो बचे हैं वह भी बेतरतीब पड़े हैं। छोटे कूड़ेदानों का पता नहीं है।
वर्ष 2021 का स्वच्छता सर्वेक्षण जल्द ही शुरू होने वाला है, लेकिन इस सर्वेक्षण में पालिका प्रशासन कुछ बेहतर कर सकेगा, इसकी उम्मीद कम ही नजर आ रही है। कारण यह है कि स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान पालिका प्रशासन को सफाई व्यवस्था की याद आती है और जगह-जगह कूड़ेदान आदि लगाकर कूड़े को सड़कों पर फैलने से रोकने का प्रयास किया जाता है। जानकारी के अनुसार गत वर्ष 2020 में पालिका प्रशासन द्वारा शहर में कुछ जगहों पर बड़े कूड़ा कंटेनर स्थापित किए गए थे और जगह-जगह छोटे-छोटे कंटेनर भी लगवाए थे। जो एक वर्ष का समय पूर्ण होने से पूर्व ही बड़े कंटेनर जहां गलने के साथ बेतरतीब पड़े है तो वहीं, गत वर्ष लगाए गए छोटे कंटेनर का पता हीं नहीं है।
70 से अधिक रखे गए थे छोटे-बड़े कंटेनर
पालिका अफसरों के अनुसार गत वर्ष 30 से अधिक स्थानों पर बड़े कंटेनर को रखा गया था। जो विभिन्न चौराहा और सार्वजनिक स्थानों पर रखे गए थे। साथ ही गली- मोहल्लों में 40 से अधिक छोटे कूड़ेदान कंटेनर को रखा गया था। जिससे गली- मोहल्लों में भी कूड़ा एकत्र किया जा सके। लेकिन वर्तमान में बड़े कूड़ा कंटेनर अधिकांश स्थानों पर बेतरतीब पड़े हैं और कुछ स्थानों से गायब भी हो चुके है। जबकि छोटे कूड़ा कंटेनर को पालिका द्वारा हटवा दिया गया।
गत वर्ष 70 से अधिक छोटे-बड़े कूड़ा कंटेनर रखवाए गए थे। अमृत योजना के तहत खुदाई का कार्य शुरू होने पर छोटे कूड़ा कंटेनर को हटवा दिया गया था। जो जल्द ही स्थापित करवा दिए जाएंगे। फिलहाल नगर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर संबंधित स्थानों पर कंटेनर रखवा दिए जाएंगे।
मनोज रस्तोगी, पालिका ईओ