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कोरोना: नहीं आई रिपोर्ट, इंतजार करते रहे अफसर

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कोरोना: नहीं आई रिपोर्ट, इंतजार करते रहे अफसर
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बुलंदशहर। कोरोना वार्ड में भर्ती जहांगीराबाद निवासी व्यापारी की रविवार को भी रिपोर्ट नहीं आ सकी। रिपोर्ट आने के लिए देर शाम तक अफसर इंतजार करते रहे। रिपोर्ट आने पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। रिपोर्ट निगेटिव आने पर जहां व्यापारी को परिवार समेत डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। वहीं, पाजिटिव रिपोर्ट आने पर व्यापारी को दिल्ली रेफर करने के साथ परिवार के सदस्यों का सैंपल जांच के लिए भेजा जाएगा। फिलहाल व्यापारी परिवार संग जिला अस्पताल के कोरोना वार्ड में भर्ती है।
चीन में कोरोना वायरस का कहर देशवासियों को धीरे-धीरे अपनी चपेट में लेने लगा हे। गाजियाबाद में जहां एक कारोबारी में कोरोना वायरस पाजिटिव निकला है। वहीं, संबंधित कारोबारी से जहांगीराबाद निवासी एक व्यापारी ने भी मुलाकात की थी। जिसे एहतियातन स्वास्थ्य अफसरों ने जिला अस्पताल के कोरोना वार्ड में भर्ती करा ब्लड सैंपल जांच के लिए दिल्ली एनसीडीसी भेजा है। जिसकी रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट आने तक व्यापारी और परिवार स्वास्थ्य अफसरों की निगरानी में है। जानकारी के अनुसार गत तीन दिन पूर्व जहां सिकंदराबाद निवासी एक परिवार के कोरोना वायरस रोगी के संपर्क में आने पर स्वास्थ्य अफसरों द्वारा जांच कराई गई और रिपोर्ट निगेटिव आने पर राहत की सांस ली थी, वहीं, अब जहांगीराबाद निवासी एक व्यापारी के गाजियाबाद निवासी कारोबारी जो कोरोना वायरस पाजिटिव के संपर्क में आ गया था, जिसकी जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य अफसरों व्यापारी को संदेह होने पर जिला अस्पताल के कोरोना वार्ड में भर्ती करा दिया। साथ ही व्यापारी के साथ परिवार के सात सदस्य भी भर्ती है। अफसर व्यापारी की रिपोर्ट निगेटिव आने की संभावना जता रहे हैं। सीएमओ डॉ. केएन तिवारी ने बताया कि जहांगीराबाद निवासी व्यापारी के ब्लड सैंपल की जांच रिपोर्ट दिल्ली एनसीडीसी से अभी तक रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट आने तक व्यापारी और परिवार निगरानी में रहेंगे।
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कॉलरट्यून पर कोरोना से बचाव का संदेश
- फोन की घंटी की जगह खांसने की आवाज के बाद सुनाया जा रहा जागरूकता का संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। कोरोना वायरस से बचाव के बारे में मोबाइल की कॉलर ट्यून पर भी जागरूकता का संदेश दिया जा रहा है। फोन की घंटी की जगह अब खांसने की आवाज के बाद लोगों को कोरोना से बचने के लिए सुझाव देने के साथ एक हेल्पलाइन नंबर भी बताया जा रहा है।
चीन से शुरू हुए कोरोना वायरस का असर धीरे-धीरे देश में भी फैल चुका है। दिल्ली, गाजियाबाद और आगरा समेत अन्य स्थानों से कोरोना वायरस के मरीज सामने आ चुके हैं, वहीं कोरोना से बचाव के लिए शासन स्तर से भी तैयारी की जा रही है। बचाव के साथ-साथ लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। वहीं, अब मोबाइन की कॉलर ट्यून भी कोरोना वायरस से जागरूकता संबंधी संदेश सुना रही है। संबंधित जागरूकता कॉलर ट्यून बीएसएनएल और जियो कंपनी के मोबाइल नंबरों पर लगाई गई है। वहीं, इन कंपनी के उन नंबरों पर कॉलर ट्यून लगी है। जिनपर पहले से कोई भी कॉलर ट्यून की सुविधा नहीं है। कॉल करने पर पहली बार में जहां हिंदी में तो दूसरी बार में अंग्रेजी में संदेश सुनाया जा रहा है। मोबाइक व्रिकेता चौधरी आजाद ने बताया कि संदेश की शुरुआत एक व्यक्ति के खांसने से होती है इसके बाद बताया जाता है कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकें, दिन में कई बार हाथ साबुन से धोएं, मास्क लगाएं, यदि कोई ज्यादा खांस रहा है तो उससे कम से कम एक मीटर की दूरी बनाएं। जरूरत पड़ने पर नजदीकि स्वास्थ्य केंद्र पर जाए या फिर हेल्पलाइन नंबर 01123978046 पर कॉल कर बताए।
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महंगी होने लगी दवाइयां, होने लगी परेशानी
- मेडिकल स्टोर संचालकों द्वारा विभिन्न दवाइयों को बेचा जा रहा महंगी दर पर
संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। कोरोना वायरस की दहशत के बाद से चीन से आने वाली दवाओं पर प्रतिबंध लगने से होल सेलर दवा विक्रेताओं ने दवाओं को डंप करना शुरू कर दिया है। जिससे बाजारों में दवाएं न आने पर कुछ दवाईयां महंगी दर पर बेची जाने लगी है। इससे मरीज परेशान है और दवा खरीदने के दौरान कहासुनी भी हो रही है। वहीं, प्रशासनिक अफसर जानकर भी अंजान बने हुए हैं।
चीन में फैले कोरोना वायरस की वजह से देश में दवाओं की आपूर्ति पर संकट मंडराने लगा है। जिसके चलते होलसेलर दवा विक्रेताओं ने दवाओं को डंप करना शुरू कर दिया है। मांग के बावजूद दवाओं की आपूर्ति न होने पर मेडिकल स्टोरों पर दवाओं की आपूर्ति नहीं हो रही हैं। वहीं, स्टोर संचालक भी दवा न होने का रोना भी रो रहे हैं। एक मेडिकल स्टोर संचालक ने बताया कि सबसे ज्यादा परेशानी पैरासीटामॉल, गैर और एंटीबायोटिक के साथ संक्रामक बीमारियों पर काबू पाने वाली दवाईयां और थ्री लेयर मास्क को लेकर हो रही है। बताया कि होल सेलर संबंधित दवाईयां प्रिंट रेट पर अधिक दाम पर दवाएं देने को तैयार है।
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इन दवाओं पर हो सकता है संकट
बुखार के लिए पैरासिटामॉल, दर्द निवारक डाइक्लोफेनिक सोडियम, डाइक्लोफेनिक पोटेशियम, आइबूप्रोफेन, एंटीबॉयोटिक सिप्रोफ्लाक्सीन, खांसी के लिए कैफीन एनहाइड्रस, मलेरिया के लिए क्लोरोकिन फास्फेट, उच्च रक्तचाप के लिए टेल्मीसार्टन और मधुमेह के लिए मेटफार्मेन आदि की दवाईयों पर संकट हो सकता है।
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