छेड़छाड़ के आरोपियों को बचाने के लिये पीड़ित का ही कर दिया चालान
औरंगाबाद। थाना क्षेत्र के एक गांव में दलित महिला के साथ छेड़छाड़ के मामले में पुलिस के बड़े खेल एसएसपी ने खुलासा किया है। पुलिस ने दलित महिला के साथ छेड़छाड़ और मारपीट करने वाले आरोपियों सहित पीड़िता का शांति भंग में चालान कर दिया। साथ ही पीड़ितों पर ही बलवे की धारा लगा दी। अब एसएसपी की फटकार के बाद थाना पुलिस ने आरोपियों पर एससीएसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की है।
बता दें कि 20 अगस्त को एक गांव में एक दलित महिला के साथ आरोपियों ने छेड़छाड़ कर दी थी। विरोध करने पर उसके घर में घुसकर मारपीट कर फायर कर दिया था। पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों का शांति भंग की धारा में चालान कर दिया था। सूत्रों के अनुसार आरोपी पक्ष के एक युवक ने फर्जी मेडिकल तैयार करा लिया। जैसे ही दोनों पक्ष कोर्ट में पेश हुए तो एसडीएम उन्हें जमानत देने से मना कर दिया और उन्हें वापस थाने भेज दिया। इस दौरान एक पक्ष के लोगों ने छेड़छाड़ के पीड़ितों पर ही बलवे की धारा में मुकदमा दर्ज करा दिया था। जिसके बाद पीड़ित पक्ष ने एसएसपी कार्यालय पर थाना पुलिस के विरूद्ध प्रदर्शन किया था। एसएसपी संतोष कुमार ने मामले की जांच एएसपी रविन्द्र कुमार को सौंपी थी। एएसपी की जांच में औरंगाबाद थाना पुलिस की आरोपियों से मिलीभगत उजागर हो गई। इसके बाद एसएसपी ने इंस्पेक्टर को जमकर फटकार लगाई। तत्काल आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिये। औरंगाबाद पुलिस ने अब छह आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।