बुलंदशहर के अहमदगढ़ थाना इलाके के गांव छोटाबांस अकरबास कनैनी में पांच दिन से लापता युवक अनमोल की हत्या का पुलिस ने शुक्रवार को पर्दाफाश कर दिया। हत्या का कारण दो दोस्तों से उनकी बहनों से बात करने का दबाव बनाना निकला है।
आरोपियों ने पहले अनमोल को शराब पिलाई, फिर ईंट से सिर पर वार करके और रस्सी से गला घोंटकर उसकी जान ले ली। साक्ष्य मिटाने के लिए शव को 15 फीट गहरे कुएं में फेंककर ऊपर से कूड़ा डाल दिया था। पुलिस ने इस मामले में गांव निवासी रजत, अंकुर उर्फ सनी और मोनू को गिरफ्तार कर लिया है।
एसपी देहात डा. तेजवीर सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि अनमोल और आरोपियों में गहरी दोस्ती थी। रंजिश की जड़ जिद और मर्यादा का उल्लंघन बनी। अनमोल ने दोस्त अंकुर उर्फ सनी पर दबाव बनाया था कि वह उसकी बात दूसरे दोस्त रजत की बहन से करा दे।
अंकुर ने इसके लिए मना कर दिया था। विवाद तब और बढ़ गया जब 24 मार्च को अंकुर की दादी की तेरहवीं के कार्यक्रम में उसकी मौसी की लड़की आई। अनमोल ने फिर अंकुर से मौसी की लड़की से बात कराने की जिद की।
अंकुर ने उसे समझाया कि दोस्ती में ऐसी बातें ठीक नहीं हैं, लेकिन, अनमोल नहीं माना। जब यह बात अंकुर ने रजत को बताई, तो दोनों ने मिलकर अनमोल को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची। साजिश के मुताबिक, 29 मार्च की दोपहर अंकुर और रजत ने अनमोल को शराब पार्टी के बहाने साथ लिया। दिन में शराब पीने के बाद सब अपने घर चले गए।
रात करीब 8:30 बजे अंधेरा होने पर आरोपियों ने दोबारा अनमोल को फोन कर गांव के पास स्थित एक कुएं पर बुलाया। वहां उसे इतनी शराब पिलाई गई कि वह सुध-बुध खो बैठा। जैसे ही अनमोल नशे की हालत में बेदम हुआ, आरोपी रजत ने पास पड़ी एक ईंट उठाकर उसके सिर पर पीछे से ताबड़तोड़ प्रहार किए।
अनमोल के चेहरे को ईंट से कुचला
अनमोल लहूलुहान होकर जब वह जमीन पर गिर पड़ा, तो अंकुर ने भी उसी ईंट से उसके चेहरे और सिर को कुचल दिया। मौत सुनिश्चित करने के लिए आरोपियों ने रस्सी से उसका गला भी घोंटा।
इसके बाद उन्होंने शव को कुएं में फेंक दिया और पहचान छिपाने के लिए ऊपर से भारी मात्रा में कूड़ा-करकट डाल दिया, जिससे कि किसी को दुर्गंध न आए और शव दिखाई न दे। पुलिस ने आरोपियों के पास से मृतक का मोबाइल फोन, हत्या में प्रयुक्त ईंट, घटना के समय पहने गए कपड़े बरामद कर लिए हैं।
हत्या के बाद हमदर्द बनने का ढोंग
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अपने तीसरे साथी मोनू के घर पहुंचे, जहां उन्होंने खून से सने कपड़े बदले। मोनू ने न केवल उन्हें शरण दी बल्कि साक्ष्य छिपाने में भी मदद की। अगले दिन से ही आरोपी अनमोल के परिजनों के साथ मिलकर उसे ढूंढने का नाटक करने लगे।
वे अनमोल के घर जाकर सांत्वना देते रहे ताकि पुलिस को उन पर शक न हो। 1 अप्रैल को जब अनमोल की मां रानी देवी ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, तो पुलिस ने अनमोल के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाली।
सीडीआर से पता चला कि गायब होने वाली रात अनमोल की आखिरी बार बात अंकुर और रजत से हुई थी। पुलिस ने संदेह के आधार पर उन पर निगरानी रखनी शुरू की। इसी बीच बृस्पतिवार सुबह कुएं से अनमोल का शव बरामद होते ही पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों को दबोच लिया।
शुरुआत में आरोपी पुलिस को गुमराह करते रहे, लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की और साक्ष्य सामने रखे, तो उन्होंने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से मृतक का मोबाइल फोन, हत्या में प्रयुक्त ईंट, घटना के समय पहने गए कपड़े बरामद कर लिए हैं।
अपनों की आंखों के सामने था शव, पर किसी को न लगी भनक
अनमोल के लापता होने के बाद पांच दिनों तक गांव की गलियों से लेकर खेतों तक में सघन तलाशी अभियान चलता रहा। लेकिन, जिस कुएं में अनमोल का शव पड़ा था, वह उसके घर से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित था।
परिजन और ग्रामीण कई बार उस रास्ते से गुजरे, लेकिन किसी को शक नहीं हुआ। पांच दिनों तक अनमोल अपनी मां और अपनों के करीब होकर भी उनकी नजरों से ओझल रहा। बृहस्पतिवार को कुएं से दुर्गंध उठी, तब जाकर इस खौफनाक साजिश से पर्दा उठ सका।