बुलंदशहर। बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण का जल्द विस्तार होगा। प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने जिले की पांच तहसील से 124 गांव शामिल करने के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी हैं। कैबिनेट की बैठक में मंजूरी मिलते ही 124 गांव बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण में शामिल हो जाएंगे। इनके शामिल होने से यहां पर अवैध निर्माण व अवैध प्लाटिंग पर रोक लगने के साथ सुनियोजित विकास हो सकेगा।
बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण को महायोजना 2031 में नए गांव को जोड़ने के लिए एक साल पहले से तैयारी चल रही है। प्राधिकरण अफसर काफी समय से जिले के 124 गांव को शामिल करने के लिए प्रयास में जुटे हुए हैं। पिछले माह मुख्यमंत्री की बैठक में नए गांव को शामिल करने का मुद्दा उठा था। इसमें जिला प्रशासन ने सात गांव की एनओसी प्राधिकरण को न दिए जाने पर नाराजगी जाहिर की। मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद जिला प्रशासन ने सात गांव की संस्तुति जारी की। सभी गांव की सूची प्राधिकरण में शामिल होने के बाद रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी गई। अब सोमवार को शासन ने शामिल होने वाले नए गांव की रिपोर्ट दोबारा मांगी है। जिसकी रिपोर्ट बनाकर शासन को भेज दी गई है। अब प्राधिकरण में नए गांव शामिल होने से जहां क्षेत्र का विस्तार होगा, तो वहीं संबंधित गांव में विकास कार्य तेजी से हो सकेंगे।
अब 513 गांव का हो जाएगा प्राधिकरण
प्राधिकरण में एक वर्ष पहले 421 गांव शामिल थे। इसमें 55 गांव यमुना विकास प्राधिकरण में शामिल हो गए। 19 गांव बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण व यमुना विकास प्राधिकरण दोनों के क्षेत्र में शामिल हैं। इसके अलावा चार नए गांव प्राधिकरण में शामिल हुए। नए गांव शामिल होने के बाद प्राधिकरण का 389 गांव का क्षेत्र हो गए। अब 124 गांव और शामिल होने से 513 गांव का क्षेत्र प्राधिकरण में हो जाएगा।
अवैध निर्माण पर लगेगी रोक
प्राधिकरण क्षेत्र में नए 124 गांव के शामिल होने से अवैध निर्माण पर रोक लगेगी। साथ ही अवैध कॉलोनी भी विकसित नहीं हो सकेगी। गंगा नदी के पास बने गांव में अनाधिकृत विकास पर रोक लगने से प्राधिकरण नियोजित विकास कर सकेगा।
इन क्षेत्रों के गांव होंगे शामिल
तहसील का नाम - नए प्रस्तावित गांव की संख्या
सदर तहसील - 36
सिकंदराबाद - 18
अनूपशहर - 20
शिकारपुर - 44
डिबाई - 03
नोट : गौतमबुद्धनगर के सदर के तीन गांव भी प्राधिकरण में शामिल होंगे।
कोट
जिले की पांच तहसील समेत 124 नए गांव को प्राधिकरण में शामिल करने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। नए गांव को शामिल करने के लिए काफी समय से प्रयास किए जा रहे थे। अब कैबिनेट की बैठक में मंजूरी मिलने की देर है। इसके बाद नए गांव के शामिल होने का नोटिफिकेशन जारी हो जाएगा। नए गांव शामिल होने पर अवैध निर्माण और कॉलोनी पर रोक लगने के साथ सुनियोजित विकास हो सकेगा। - डॉ. अंकुर लाठर, प्राधिकरण उपाध्यक्ष