एसबीआई के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। कांग्रेस ने सोमवार को अडानी ग्रुप की कंपनियों में लोगों का धन खतरे में होने की बात कर नगर के स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के सामने नारेबाजी कर धरना-प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने अडानी की कंपनी फर्जी बताकर सरकार से उनकी जांच कराने की मांग की है।
जिला अध्यक्ष ठा. राकेश भाटी ने कहा कि हमारी मांग है कि केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश या एक संयुक्त संसदीय समिति जेपीसी के तहत हिंडनवरग रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक़ अडानी समूह की 40 फर्जी कंपनियों की विस्तार से निष्पक्ष जांच की जाए। शहर अध्यक्ष प्रशांत बाल्मीकि ने कहा कि आम जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आस लगाए बैठी है कि वह गौतम अडानी के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। वहीं, दूसरी तरफ सत्ता पक्ष के सांसद देश की संसद नहीं चलने दे रहे है। संसद मे विपक्ष के नेताओं को बोलने तक नहीं दे रहे हैं। संसद में विपक्ष के नेताओं का माइक बंद कर देते हैं। नोट बंदी में तमाम कुटीर उद्योगों को यह कहकर बंद करा दिया कि इन उद्योगों का पंजीयन नहीं है। अब जब अडानी समूह पर कार्रवाई करने का समय आया तो प्रधानमंत्री कुछ बोल भी नहीं रहे हैं। नरेंद्र चौधरी ने कहा कि चुनिंदा अरबपतियों को फायदा पहुंचाने की मोदी सरकार की नीति से पूरा देश खासकर मध्यवर्ग चिंतित है। मोदी सरकार द्वारा अडानी समूह में एलआईसी और एसबीआई जैसे सरकारी संस्थानों के बेहद जोखिम भरे लेनदेन और निवेश ने भारत के निवेश को एलआईसी के 29 करोड़ पॉलिसी धारकों और एसबीआई के 45 करोड़ खाताधारकों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। एलआईसी, एसबीआई और अन्य राष्ट्रीय कृत बैंकों के जबरदस्त निवेश पर संसद में चर्चा की जानी चाहिए और निवेशकों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए। इस दौरान अमरीश गौतम, कैफी फ़ैसल , युवा जिलाध्यक्ष जिया-उर्र-रहमान, शाहिद मेवाती, यशवीर राणा, अनिल चौधरी, पंडित प्रमोद कौशिक, रामचंद्र फ़ौजी, सुशील गौतम आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।